{"_id":"59137ed04f1c1bb737852d6b","slug":"arrest-in-baby-thief","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेचने के लिए चुराया था बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेचने के लिए चुराया था बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 02:27 AM IST
विज्ञापन
पकड़ी गई बच्चा चोरनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड से चोरी हुए आठ महीने के राजीव को 24 घंटे के भीतर पुलिस ने खोज निकाला। पुलिस ने बच्चा चुराने वाली महिला तबस्सुम को भी गिरफ्तार कर लिया है। महिला बच्चे को 12 हजार रुपये में बेचने की फिराक में थी, लेकिन अखबारों में बच्चे की फोटो छप जाने से वह पकड़ ली गई।
खजनी के मझगांवा की रहने वाली आरती को सोमवार को मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया था। आरती की तीमारदारी में ननद सुमन भी अपने आठ महीने के बेटे राजीव को लेकर आई थी। मंगलवार की सुबह आरती ने बच्चे को जन्म दिया। उसे वार्ड सात के बेड 41 पर शिफ्ट किया गया था। सुमन भी अपने बेटे राजीव को लेकर आरती के साथ वार्ड में थी। घरवालों के मुताबिक करीब सवा छह बजे राजीव रोने लगा। बेटे को चुप कराने के लिए सुमन ने उसे दूध पिलाया। इसी बीच मां-बेटे की आंख लग गई। दस मिनट बाद जब सुमन की आंख खुली तो बच्चा गायब था। इससे परेशान घरवालों ने बच्चा चोरी की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि इसी बीच पता चला कि रसूलपुर के राधेश्याम के पास बच्चा है। राधेश्याम ने खुद ही पुलिस को बच्चे के संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद दरोगा एसएन सिंह वहां पहुंच गए। पुलिस ने चोरनी को रुपये देने के बहाने बुलवाया और फिर वह पकड़ ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
खजनी के मझगांवा की रहने वाली आरती को सोमवार को मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया था। आरती की तीमारदारी में ननद सुमन भी अपने आठ महीने के बेटे राजीव को लेकर आई थी। मंगलवार की सुबह आरती ने बच्चे को जन्म दिया। उसे वार्ड सात के बेड 41 पर शिफ्ट किया गया था। सुमन भी अपने बेटे राजीव को लेकर आरती के साथ वार्ड में थी। घरवालों के मुताबिक करीब सवा छह बजे राजीव रोने लगा। बेटे को चुप कराने के लिए सुमन ने उसे दूध पिलाया। इसी बीच मां-बेटे की आंख लग गई। दस मिनट बाद जब सुमन की आंख खुली तो बच्चा गायब था। इससे परेशान घरवालों ने बच्चा चोरी की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि इसी बीच पता चला कि रसूलपुर के राधेश्याम के पास बच्चा है। राधेश्याम ने खुद ही पुलिस को बच्चे के संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद दरोगा एसएन सिंह वहां पहुंच गए। पुलिस ने चोरनी को रुपये देने के बहाने बुलवाया और फिर वह पकड़ ली गई।
विज्ञापन
अनाथ बताकर राधेश्याम को दिया था बच्चा
राजघाट के रायगंज में किराए के मकान में रहने वाली तबस्सुम ने बच्चा चोरी करने के बाद सीधे रसूलपुर के राधेश्याम से संपर्क किया। राधेश्याम की टॉउनहाल पर पान की दुकान है। महिला ने बच्चे को अनाथ बताया और उसे राधेश्याम को सौंप दिया। उसने बच्चे के बदले 12 हजार रुपये भी मांगे थे, मगर इसके पहले ही राधेश्याम ने अखबारों में बच्चे की फोटो देख ली थी और पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस की बनाई योजना में वह फंस गई।
विज्ञापन