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चार और गन हाउस पर होगी कार्रवाई, निरस्त होंगे लाइसेंस

Sun, 08 Sep 2019 02:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2019 02:15 AM IST
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arms license fraud in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सनसनीखेज मामले की 24 दिनों से चल रही मजिस्ट्रेटी जांच रविवार को पूरी हो जाएगी। शनिवार को संदिग्ध चार गन हाउस की जिम्मेदारी तय करने के लिए साक्ष्यों को एकत्रित कर रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद देर शाम जांच कर रही कमेटी ने पुलिस को एक गन हाउस का नाम सौंपा। जल्द ही मुकदमा दर्ज होने के साथ ही उसके प्रोपराइटर की गिरफ्तारी होने की उम्मीद है। मजिस्ट्रेटी कमेटी शुक्रवार की शाम अपनी अंतरिम रिपोर्ट डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को सौंप चुकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही डीएम और एसएसपी ने शनिवार को रवि आर्म्स कार्पोरेशन के प्रोपराइटर के बेटे रवि पांडेय, असलहा बाबू राम सिंह, पूर्व असलहा बाबू अशोक गुप्ता और कंप्यूटर ऑपरेटर अजय गिरी पर जल्द रासुका दर्ज होने की घोषणा की।

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जांच में रवि गन हाउस के अलावा चार और शस्त्र विक्रेताओं की इस फर्जीवाड़े में भूमिका पाई गई है। इसके बाद एक गन हाउस के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को साक्ष्य सौंपे गए। रविवार को तीन और गन हाउस के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को साक्ष्य सौंपे जाएंगे। इन सभी ने रवि गन हाउस को लाइसेंस पर प्रतिबंध के बीच शस्त्र बेचने के साथ ही कुछ फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर शस्त्र और कारतूस भी बेचे हैं। सभी के दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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उधर जांच के दौरान गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाने की पुष्टि हुई है। जांच कमेटी ने उसका भी नाम पुलिस को सौंप दिया है। अभिलेखों के सत्यापन के लिए कलेक्ट्रेट और तहसील के करीब सौ से अधिक क र्मचारियों को लगाया गया है। इनमें लेखपाल और अमीन भी शामिल हैं। इसकी वजह से जाति, आय प्रमाण पत्रों से लेकर कई अन्य मामले लंबित हो गए हैं। ऐसे में जांच कमेटी ने रविवार को जांच पूरी करने का निर्णय किया है।
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कुछ और बाबुओं की हैंड राइटिंग मिलाई जाएगी
शस्त्र कार्यालय के अभिलेखों में ओवर राइटिंग या अलग राइटिंग में कई लाइसेंस के नाम नंबर चढ़ाने का खुलासा हुआ है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट के शस्त्र कार्यालय में तैनात कुछ पूर्व असलहा बाबुओं के राइटिंग की मिलान कराई जाएगी। इसके लिए उन्हें कलेक्ट्रेट आकर अपनी राइटिंग का नमूना देने को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी 2001- 2003-04 में तैनात थे। इनकी संख्या छह है। इनमें कुछ सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। पूर्व असलहा बाबू विजय प्रकाश ने तो अपने नाम से ही फर्जी लाइसेंस जारी कर लिया था। पुलिस को उसकी तलाश है।


मजिस्ट्रेटी जांच रविवार को पूरी हो जाएगी। सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच हो चुकी है। अंतरिम रिपोर्ट पहले ही डीएम को सौंपी जा चुकी है। फर्जीवाड़े में चार और गन हाउस की संलिप्तता पाई गई है। इन सभी शस्त्र दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। - प्रथमेश कुमार, सदस्य मजिस्ट्रेटी जांच कमेटी व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

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