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मुद्रा लोन से समाचार पत्र वितरकों को मिली भविष्य की राह, चेहरे खिले
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अमर उजाला और एसबीआई मुख्य शाखा द्वारा भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा परिसर में समाचार पत्र वितरको?
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मुद्रा लोन से समाचार पत्र वितरकों को मिली भविष्य की राह, चेहरे खिले
गोरखपुर। शनिवार का दिन समाचार पत्र वितरकों के लिए बहुत ही खास था। जिस अमर उजाला समाचार पत्र के साथ उन्होंने खुद के जीवन यापन के लिए बांध रखा है, उस डोर को और मजबूत करते हुए संस्थान ने सामाजिक सरोकार निभाया। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के विशेष सहयोग से बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा में मुद्रा लोन वितरण शिविर लगाया गया। 126 पत्र वितरकों ने पंजीकरण कराया। इसमें से आठ पत्र वितरकों को लोन का सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र तत्काल एसबीआई के उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) पीसी बरोड़ ने दे दिया। 118 और पत्र वितरकों ने मुद्रा लोन के लिए पंजीकरण कराया है। बैंक प्रबंधन की तरफ से इन सबके दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जा रही है। पात्र समाचार पत्र वितरकों को जल्द ही मुद्रा लोन मिलेगा।
अमर उजाला की पहल पर एसबीआई की मुख्य शाखा में पहली बार स्थानीय समाचार पत्र वितरकों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन वितरण का विशेष शिविर लगाया गया। इसका उद्घाटन एसबीआई के डीजीएम पीसी बरोड़, क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक शेखर ठाकुर, मुख्य प्रबंधक गोरखपुर शाखा मनोज कुमार और मुख्य प्रबंधक रासमेक विनय वर्मा ने किया। इस पहल की सराहना करते हुए डीजीएम पीसी बरोड़ ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। किसी भी समाचार पत्र के लिए समाचारपत्र वितरकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बैंकों के लिए इस तरह के आयोजन बहुत खास होते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक शेखर ठाकुर ने समाचारपत्र वितरकों से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय स्वरोजगार अपनाने का है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा उठाएं और अपने रोजगार को आगे बढ़ाएं। सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है कि सरकारी योजनाओं का फायदा समाज के अंतिम कतार के व्यक्ति तक पहुंचे, मुद्रा योजना भी ऐसी ही है। इस योजना का लाभ उठाएं। एसबीआई हर मोड़ पर आपके साथ है। रासमेक शाखा के मुख्य प्रबंधक विनय वर्मा ने इस अनोखी पहल के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि शिविर में जिन लोगों को सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र नहीं मिल सका है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। एक हफ्ते के अंदर मुद्रा लोन का स्वीकृति पत्र मिल जाएगा। इस दौरान प्रबंधक सुमन कुमारी, प्रबंधक राजभाषा राजीव रंजन प्रकाश, अभिकर्ता ज्ञानू, डीडी अग्रहरी, शैलेंद्र शुक्ल और मनीष भी मौजूद रहे।
इन्हें मिला मुद्रा लोन का सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र
नागेंद्र कुमार, विनोद तिवारी, चंद्रेश गुप्ता, अभिषेक अग्रहरि, आजाद शुक्ल, सुनील त्रिपाठी, सूरज लाल गुप्ता, सत्यनारायण
:: मकसद वितरकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना
अमर उजाला का मकसद पत्र वितरकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। मुद्रा लोन के माध्यम से पत्र वितरकों की कारोबार में पूंजी की समस्या नहीं होगी और अधिक परिश्रम कर वे अपनी आर्थिक स्थिति और मजबूत कर सकेंगे। नकदी की समस्या से उबरने में मुद्रा योजना अन्य उद्यमियों की भांति पत्र वितरकों के लिए संजीवनी साबित होगा। यह लोन अन्य लोन की अपेक्षा कम ब्याज दर पर मिलता है।
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क्या है मुद्रा योजना
अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए अप्रैल 2015 में इस योजना की शुरुआत की है। आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के दो उद्देश्य हैं। पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना। दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना। मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफ ाइनेंस एजेंसी है। मुद्रा योजना की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं।
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गोरखपुर। शनिवार का दिन समाचार पत्र वितरकों के लिए बहुत ही खास था। जिस अमर उजाला समाचार पत्र के साथ उन्होंने खुद के जीवन यापन के लिए बांध रखा है, उस डोर को और मजबूत करते हुए संस्थान ने सामाजिक सरोकार निभाया। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के विशेष सहयोग से बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा में मुद्रा लोन वितरण शिविर लगाया गया। 126 पत्र वितरकों ने पंजीकरण कराया। इसमें से आठ पत्र वितरकों को लोन का सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र तत्काल एसबीआई के उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) पीसी बरोड़ ने दे दिया। 118 और पत्र वितरकों ने मुद्रा लोन के लिए पंजीकरण कराया है। बैंक प्रबंधन की तरफ से इन सबके दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जा रही है। पात्र समाचार पत्र वितरकों को जल्द ही मुद्रा लोन मिलेगा।
अमर उजाला की पहल पर एसबीआई की मुख्य शाखा में पहली बार स्थानीय समाचार पत्र वितरकों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन वितरण का विशेष शिविर लगाया गया। इसका उद्घाटन एसबीआई के डीजीएम पीसी बरोड़, क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक शेखर ठाकुर, मुख्य प्रबंधक गोरखपुर शाखा मनोज कुमार और मुख्य प्रबंधक रासमेक विनय वर्मा ने किया। इस पहल की सराहना करते हुए डीजीएम पीसी बरोड़ ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। किसी भी समाचार पत्र के लिए समाचारपत्र वितरकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बैंकों के लिए इस तरह के आयोजन बहुत खास होते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक शेखर ठाकुर ने समाचारपत्र वितरकों से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय स्वरोजगार अपनाने का है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा उठाएं और अपने रोजगार को आगे बढ़ाएं। सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है कि सरकारी योजनाओं का फायदा समाज के अंतिम कतार के व्यक्ति तक पहुंचे, मुद्रा योजना भी ऐसी ही है। इस योजना का लाभ उठाएं। एसबीआई हर मोड़ पर आपके साथ है। रासमेक शाखा के मुख्य प्रबंधक विनय वर्मा ने इस अनोखी पहल के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि शिविर में जिन लोगों को सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र नहीं मिल सका है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। एक हफ्ते के अंदर मुद्रा लोन का स्वीकृति पत्र मिल जाएगा। इस दौरान प्रबंधक सुमन कुमारी, प्रबंधक राजभाषा राजीव रंजन प्रकाश, अभिकर्ता ज्ञानू, डीडी अग्रहरी, शैलेंद्र शुक्ल और मनीष भी मौजूद रहे।
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इन्हें मिला मुद्रा लोन का सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र
नागेंद्र कुमार, विनोद तिवारी, चंद्रेश गुप्ता, अभिषेक अग्रहरि, आजाद शुक्ल, सुनील त्रिपाठी, सूरज लाल गुप्ता, सत्यनारायण
:: मकसद वितरकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना
अमर उजाला का मकसद पत्र वितरकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। मुद्रा लोन के माध्यम से पत्र वितरकों की कारोबार में पूंजी की समस्या नहीं होगी और अधिक परिश्रम कर वे अपनी आर्थिक स्थिति और मजबूत कर सकेंगे। नकदी की समस्या से उबरने में मुद्रा योजना अन्य उद्यमियों की भांति पत्र वितरकों के लिए संजीवनी साबित होगा। यह लोन अन्य लोन की अपेक्षा कम ब्याज दर पर मिलता है।
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क्या है मुद्रा योजना
अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए अप्रैल 2015 में इस योजना की शुरुआत की है। आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के दो उद्देश्य हैं। पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना। दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना। मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफ ाइनेंस एजेंसी है। मुद्रा योजना की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं।