नेपाल-भारत के बीच होगा एनर्जी एक्सचेंज का कारोबार, छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगी कंपनी
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नेपाल विद्युत प्राधिकरण और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया नेपाल के न्यू बुटवाल से गोरखपुर अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन बनाने के लिए छह माह के भीतर एक कंपनी बनाई जाएगी। अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन की 100 केवीए क्षमता के बराबर निवेश करने पर सहमति बनी है।
ऊर्जा सचिवों की बैठक में ट्रांसमिशन निर्माण के तौर-तरीकों को पूरा करने पर सहमति बनी। भारत समान पूंजी वाली कंपनी स्थापित करने के नेपाली पक्ष के प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। सचिव स्तर की बैठक में ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण की कार्य प्रणाली पर सहमति व्यक्त की गई।
नेपाल के ऊर्जा मंत्री वर्शमान पुन ने बुधवार को बताया कि परियोजनाओं का निर्माण तीन प्रतिशत स्वपूंजी और चार प्रतिशत रियायत ऋण पर किया जाएगा। यह लाइन न्यू बुटवल और गोरखपुर को जोड़ेगी। दोनों देशों के बीच समझौते के अनुसार नेपाल विद्युत प्राधिकरण और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एक संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगे और एक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण करेंगे।
दो अरब रुपये से बनेगी ट्रांसमिशन लाइन
इस परियोजना में विश्व बैंक भी निवेश करने को तैयार है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक कुलमन घीसिंग ने बताया कि दोनों देशों के बीच छह माह के अंदर इस योजना को शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके निर्माण पर लगभग दो अरब रुपये की लागत आने का अनुमान है। ट्रांसमिशन लाइन 1,200 मेगावाट बिजली का आदान-प्रदान करने में सक्षम होगी।
ट्रांसमिशन लाइन के लिए 1949 टावरों का होगा निर्माण
न्यू बुटवल-गोखरपुर ट्रांसमिशन लाइन की 300 केवीए की तीन उच्च क्षमता के सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत रेडोमोटो, दामाउली और बुटवल सबस्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही काठमांडू के लाप्सिदी से ढाडिंग के गलची-रत्नम और दामौली-भरतपुर-बुटवल ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण की योजना है। इसके लिए 1949 टावरों का निर्माण किया जाना है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक कुलमन घीसिंग ने बताया कि नेपाल ने भारत के साथ ऊर्जा बैंकिंग की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा है। नेपाल में ज्यादातर पनबिजली परियोजनाएं हैं। इसलिए बारिश के मौसम में बिजली उत्पादन बढ़ जाता है। नेपाल ने भारत के एनर्जी एक्सचेंज में कारोबार को मंजूरी देने का फैसला किया है।
बुटवल गोरखपुर के साथ ही बिहार इनरुवा-पूर्णिया, उत्तर प्रदेश बरेली अंतर्देशीय पारेषण लाइन की डीपीआर को भी मंजूरी मिल गई है। कुशहा-कटैया और रक्सौल-परवानीपुर अंतरराज्यीय पारेषण लाइनों के लिए भी समझौते हुआ है।