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मेट्रो दौड़ाने से पहले यात्रियों की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 14 Jun 2017 02:26 AM IST
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Metro Line
- फोटो : demo
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शहर में मेट्रो दौड़ाने से पहले सड़कों पर वाहनों का दबाव जानने के लिए ट्रैफिक वाल्यूम काउंट (टीवीसी) सर्वे के साथ ही डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी राइट्स ने मंगलवार से हाउस होल्ड सर्वे भी शुरू करा दिया। इसके तहत सर्वे करने वाले कर्मचारी घर-घर दस्तक देकर यातायात से जुड़ी जरूरतों का आकलन करेंगे। जानकारी जुटाने के लिए सर्वे कंपनी स्वेता टेकभनोफाइल कंसल्टेंट (एसटीसी) प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी शहर के तकरीबन सभी मोहल्लों के 4500 घरों में जाएंगे।
हाउस होल्ड सर्वे के को-आर्डिनेटर वीपी सिंह ने बताया कि शहर के सिविल लाइंस इलाके से सर्वे की शुरूआत की गई है। एक महीने के भीतर यह सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सर्वेयर घर-घर जाकर वहां रहने वाले सदस्यों की संख्या, उनमें नौकरी करने वाले और स्कूल जाने वालों का पूरा ब्यौरा लेंगे। इसके साथ ही वे यह भी जानकारी लेंगे कि संबंधित व्यक्ति जिस घर में रह रहा है वह किराये पर है या खुद का। घर में कितने वाहन हैं। उनमें दो पहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या कितनी है। अगर कोई सदस्य साइकिल से चलता है तो उसकी भी जानकारी एकत्रित की जाएगी।
उनसे यह भी पूछा जाएगा कि संबंधित सदस्य को रोजाना औसतन कितने किलोमीटर चलना पड़ता है। अगर वे बस या टेंपो का विकल्प अपनाते हैं तो उसमें खर्च कितना आता है। ऐसे कई सवालों के बाद सर्वेयर अंतिम में उनसे यह पूछेगा कि अगर कम समय और कम खर्च पर मेट्रो की सुविधा उन्हें मिले तो वे क्या यातायात के लिए इस विकल्प को अपनाएंगे या फिर उनके अपने वाहन या बस व टेंपो की सुविधा ही उनके लिए ज्याद मुफीद है। इस हाउस होल्ड सर्वे के पीछे की पूरी मंशा यह जानना है कि मेट्रो के लिए यहां रोजाना कितने यात्री मिलेंगे।
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ड्रेस और आईकार्ड के साथ होंगे सर्वेयर
सर्वे करने वाली कंपनी एसटीसी ने लोगों से सर्वे में मदद की अपील की है। हाउस होल्ड सर्वे के को-आर्डिनेटर वीपी सिंह का कहना है कि यदि मेट्रो के लिए उनका कोई सर्वेयर किसी के घर पर जाता है तो घर के संबंधित सदस्य उसकी पहचान को लेकर पूरी तसल्ली कर सकते हैं। हर सर्वेयर को मेट्रो का डीपीआर तैयार कर रही कंपनी राइट्स और सर्वे कंपनी एसटीसी का नाम लिखा जैकेट दिया गया है। सभी को उनके नाम और मोबाइल नंबर वाले पहचान पत्र भी दिए गए हैं। इसके बाद भी अगर किसी कोई भ्रम हो तो वे उनके मोबाइल नंबर 9971224023 पर संपर्क कर सकता है। कोई भी सर्वेयर किसी का बैंक अकाउंट, आधार नंबर या पैन कार्ड नंबर जैसी कोई गोपनीय सूचना नहीं मांगेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना उनके सहयोग के सर्वे की सही रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकती जिससे समय से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने में दिक्कत आएगी।
महापौर से मिले कोआर्डिनेटर
हाउस होल्ड के कोआर्डिनेटर ने मंगलवार को महापौर डॉ. सत्या पांडेय समेत नगर निगम के कुछ अफसरों से भी मुलाकात कर अपील की कि वे अपनी तरफ से भी इस सर्वे का प्रचार कराए ताकि लोगों में इसे लेकर कोई आशंका न हो। उन्होंने कहा कि पार्षदों को भी इसकी जानकारी दी जाए ताकि सर्वे करने पहुंचे कर्मचारी पर किसी को संदेह हो तो वह संबंधित पार्षद से उसकी पहचान को लेकर आश्वस्त हो सकें और पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दें।
आज इन रूटों पर जांचा गया यातायात दबाव
कूड़ाघाट से एयरपोर्ट
कूड़ाघाट से देवरिया रोड
कूड़ाघाट से मोहद्दीपुर
छात्रसंघ चौराहे से रेलवे स्टेशन
छात्रसंघ चौराहे से कैंट रोड
छात्रसंघ से पैडलेगंज
छात्रसंघ चौराहे से कचहरी
पैडलेगंज से मोहद्दीपुर
पैडलेगंज से रेलवे स्टेशन
पैडलेगंज से तारामंडल रोड
(जैसा कि सर्वे कंपनी स्वेता टेकभनोफाइल कंसल्टेंट (एसटीसी) प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर विनय कुमार और किशन ने बताया)
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हाउस होल्ड सर्वे के को-आर्डिनेटर वीपी सिंह ने बताया कि शहर के सिविल लाइंस इलाके से सर्वे की शुरूआत की गई है। एक महीने के भीतर यह सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सर्वेयर घर-घर जाकर वहां रहने वाले सदस्यों की संख्या, उनमें नौकरी करने वाले और स्कूल जाने वालों का पूरा ब्यौरा लेंगे। इसके साथ ही वे यह भी जानकारी लेंगे कि संबंधित व्यक्ति जिस घर में रह रहा है वह किराये पर है या खुद का। घर में कितने वाहन हैं। उनमें दो पहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या कितनी है। अगर कोई सदस्य साइकिल से चलता है तो उसकी भी जानकारी एकत्रित की जाएगी।
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उनसे यह भी पूछा जाएगा कि संबंधित सदस्य को रोजाना औसतन कितने किलोमीटर चलना पड़ता है। अगर वे बस या टेंपो का विकल्प अपनाते हैं तो उसमें खर्च कितना आता है। ऐसे कई सवालों के बाद सर्वेयर अंतिम में उनसे यह पूछेगा कि अगर कम समय और कम खर्च पर मेट्रो की सुविधा उन्हें मिले तो वे क्या यातायात के लिए इस विकल्प को अपनाएंगे या फिर उनके अपने वाहन या बस व टेंपो की सुविधा ही उनके लिए ज्याद मुफीद है। इस हाउस होल्ड सर्वे के पीछे की पूरी मंशा यह जानना है कि मेट्रो के लिए यहां रोजाना कितने यात्री मिलेंगे।
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ड्रेस और आईकार्ड के साथ होंगे सर्वेयर
सर्वे करने वाली कंपनी एसटीसी ने लोगों से सर्वे में मदद की अपील की है। हाउस होल्ड सर्वे के को-आर्डिनेटर वीपी सिंह का कहना है कि यदि मेट्रो के लिए उनका कोई सर्वेयर किसी के घर पर जाता है तो घर के संबंधित सदस्य उसकी पहचान को लेकर पूरी तसल्ली कर सकते हैं। हर सर्वेयर को मेट्रो का डीपीआर तैयार कर रही कंपनी राइट्स और सर्वे कंपनी एसटीसी का नाम लिखा जैकेट दिया गया है। सभी को उनके नाम और मोबाइल नंबर वाले पहचान पत्र भी दिए गए हैं। इसके बाद भी अगर किसी कोई भ्रम हो तो वे उनके मोबाइल नंबर 9971224023 पर संपर्क कर सकता है। कोई भी सर्वेयर किसी का बैंक अकाउंट, आधार नंबर या पैन कार्ड नंबर जैसी कोई गोपनीय सूचना नहीं मांगेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना उनके सहयोग के सर्वे की सही रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकती जिससे समय से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने में दिक्कत आएगी।
महापौर से मिले कोआर्डिनेटर
हाउस होल्ड के कोआर्डिनेटर ने मंगलवार को महापौर डॉ. सत्या पांडेय समेत नगर निगम के कुछ अफसरों से भी मुलाकात कर अपील की कि वे अपनी तरफ से भी इस सर्वे का प्रचार कराए ताकि लोगों में इसे लेकर कोई आशंका न हो। उन्होंने कहा कि पार्षदों को भी इसकी जानकारी दी जाए ताकि सर्वे करने पहुंचे कर्मचारी पर किसी को संदेह हो तो वह संबंधित पार्षद से उसकी पहचान को लेकर आश्वस्त हो सकें और पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दें।
आज इन रूटों पर जांचा गया यातायात दबाव
कूड़ाघाट से एयरपोर्ट
कूड़ाघाट से देवरिया रोड
कूड़ाघाट से मोहद्दीपुर
छात्रसंघ चौराहे से रेलवे स्टेशन
छात्रसंघ चौराहे से कैंट रोड
छात्रसंघ से पैडलेगंज
छात्रसंघ चौराहे से कचहरी
पैडलेगंज से मोहद्दीपुर
पैडलेगंज से रेलवे स्टेशन
पैडलेगंज से तारामंडल रोड
(जैसा कि सर्वे कंपनी स्वेता टेकभनोफाइल कंसल्टेंट (एसटीसी) प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर विनय कुमार और किशन ने बताया)