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शहीदों को समर्पित रही ‘स्वरांजलि’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 24 Sep 2016 01:05 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान सेल्फी लेतीं छात्राएं।
- फोटो : Rajesh Kumar
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पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती पर हो रहे आयोजनों के क्रम में शुक्रवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के ललित कला व संगीत विभाग की ओर से ‘स्वरांजलि’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन शहीदों को समर्पित रहा। यूनिवर्सिटी की संगीत प्रतिभाओं ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सुरों की श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रो. मधु कुमार ने कहा कि संगीत साधना की विषयवस्तु है। यह केवल आनंद प्राप्ति का साधन नहीं है बल्कि यह अपने आप में भावों को आनंदित करने की एक तपस्या है। विशिष्ट अतिथि आईजीसीएल के चेयरमैन तथा खेल राज्य मंत्री डॉ. अनुराग भदौरिया ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को सामने आना चाहिये। पूर्वोत्तर रेलवे दावा अधिकरण के न्यायिक अधिकारी केएल पांडेय ने कहा किया कि आज के युग में संगीत और नृत्य अनेक रोगों की निवारक औषधि बनकर सामने आया है। मनोविकारों और तनाव से ग्रस्त युवा पीढ़ी को इसकी सख्त जरूरत है।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों ने...’ की प्रस्तुति से हुई। इसे सुन सभी भावुक हो गए। अनुपम मुखर्जी, शुभम वर्मा, अविनाश मौर्य, ऋचा दुबे, नौशीन, शिवानी आदि की ओर से प्रस्तुत गीतों ने सभी को मुग्ध कर दिया। शानदार नृत्य प्रस्तुति से सौम्या, सोनम, प्रिया, ज्योत्सना, तन्वी, श्वेता, कीर्ति गुप्ता आदि ने मन मोहा। प्रहसन ‘अफवाह’ के मंचन पर खूब ठहाके लगे।
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कार्यकम का संयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. उषा सिंह ने और आभार ज्ञापन प्रो. सुषमा पांडेय ने किया। इस दौरान प्रो. सुधाकर लाल श्रीवास्तव, प्रो. जितेन्द्र तिवारी, प्रो. एससी पाण्डेय, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. शैलजा सिंह, प्रो. चन्द्रभूषण अंकुर आदि मौजूद रहे। संचालन आशीष श्रीवास्तव व शुभेंद्र सत्यदेव ने किया।
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इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रो. मधु कुमार ने कहा कि संगीत साधना की विषयवस्तु है। यह केवल आनंद प्राप्ति का साधन नहीं है बल्कि यह अपने आप में भावों को आनंदित करने की एक तपस्या है। विशिष्ट अतिथि आईजीसीएल के चेयरमैन तथा खेल राज्य मंत्री डॉ. अनुराग भदौरिया ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को सामने आना चाहिये। पूर्वोत्तर रेलवे दावा अधिकरण के न्यायिक अधिकारी केएल पांडेय ने कहा किया कि आज के युग में संगीत और नृत्य अनेक रोगों की निवारक औषधि बनकर सामने आया है। मनोविकारों और तनाव से ग्रस्त युवा पीढ़ी को इसकी सख्त जरूरत है।
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कार्यक्रम की शुरुआत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों ने...’ की प्रस्तुति से हुई। इसे सुन सभी भावुक हो गए। अनुपम मुखर्जी, शुभम वर्मा, अविनाश मौर्य, ऋचा दुबे, नौशीन, शिवानी आदि की ओर से प्रस्तुत गीतों ने सभी को मुग्ध कर दिया। शानदार नृत्य प्रस्तुति से सौम्या, सोनम, प्रिया, ज्योत्सना, तन्वी, श्वेता, कीर्ति गुप्ता आदि ने मन मोहा। प्रहसन ‘अफवाह’ के मंचन पर खूब ठहाके लगे।
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कार्यकम का संयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. उषा सिंह ने और आभार ज्ञापन प्रो. सुषमा पांडेय ने किया। इस दौरान प्रो. सुधाकर लाल श्रीवास्तव, प्रो. जितेन्द्र तिवारी, प्रो. एससी पाण्डेय, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. शैलजा सिंह, प्रो. चन्द्रभूषण अंकुर आदि मौजूद रहे। संचालन आशीष श्रीवास्तव व शुभेंद्र सत्यदेव ने किया।