{"_id":"576ee1c04f1c1b625fb4871a","slug":"a-team-come-gorakhpur-for-aiims","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स की संभावना तलाशने दिल्ली से आई टीम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स की संभावना तलाशने दिल्ली से आई टीम
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
आदित्यनाथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर में एम्स की स्थापना को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार की तरफ से भेजी गई पांच सदस्यीय टीम शनिवार को गोरखपुर पहुंची। टीम के सदस्यों ने फर्टिलाइजर परिसर में जाकर सभी तरह की संभावनाओं की तलाश की। यह देखा कि क्या फर्टिलाइजर और एम्स एक परिसर में हो सकता है कि नहीं। फोरलेन कनेक्टिविटी की क्या स्थिति है।
टीम में दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, एफसीआई, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग से एक-एक सदस्य शामिल थे। टीम के सदस्यों को यह देखना था कि यदि एक ही परिसर में एम्स की और फर्टिलाइजर की स्थापना की जाए तो पर्यावरण की दृष्टि से कोई नुकसान तो नहीं होगा। उधर, महंत आदित्यनाथ ने जारी बयान में कहा कि एम्स की स्थापना में प्रदेश सरकार स्वयं बाधा उत्पन्न कर रही है। सरकार की नकारात्मक रवैये के कारण केंद्रीय टीम को गोरखपुर का दौरा करना पड़ा। कहा कि प्रधान मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर में एम्स की स्थापना की घोषणा की।
दुर्भाग्य की बात है प्रदेश सरकार 16 महीने में एम्स के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पाई। जिस भूमि का प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने दिया है वह विवादित है। प्रदेश सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि लगातार गुमराह करने वाला बयान दे रहे हैं। विकास के हर एजेंडे में रोड़ा अटका रही है। अपनी तरफ से कोई योजना नहीं ला रही है बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय खुद लेना चाह रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम में दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, एफसीआई, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग से एक-एक सदस्य शामिल थे। टीम के सदस्यों को यह देखना था कि यदि एक ही परिसर में एम्स की और फर्टिलाइजर की स्थापना की जाए तो पर्यावरण की दृष्टि से कोई नुकसान तो नहीं होगा। उधर, महंत आदित्यनाथ ने जारी बयान में कहा कि एम्स की स्थापना में प्रदेश सरकार स्वयं बाधा उत्पन्न कर रही है। सरकार की नकारात्मक रवैये के कारण केंद्रीय टीम को गोरखपुर का दौरा करना पड़ा। कहा कि प्रधान मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर में एम्स की स्थापना की घोषणा की।
विज्ञापन
दुर्भाग्य की बात है प्रदेश सरकार 16 महीने में एम्स के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पाई। जिस भूमि का प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने दिया है वह विवादित है। प्रदेश सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि लगातार गुमराह करने वाला बयान दे रहे हैं। विकास के हर एजेंडे में रोड़ा अटका रही है। अपनी तरफ से कोई योजना नहीं ला रही है बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय खुद लेना चाह रही है।
विज्ञापन