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सिपाही के भतीजे की थी सिरकटी लाश
Gorakhpur
Updated Sat, 08 Nov 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। बेलीपार थानाक्षेत्र में मिली सिरकटी लाश सिपाही के भतीजे की थी। कुशीनगर के ढाढ़ा बुजुर्ग का रहने वाला युवक शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। तीन नवंबर की शाम से ही वह लापता था। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे उसके घरवालों ने शिनाख्त की। देर शाम राप्ती तट पर युवक का दाह संस्कार कर दिया गया।
कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के ढाढ़ा बुजुर्ग गांव के रहने वाले नवल किशोर राव का 25 वर्षीय बेटा भूपेंद्र उर्फ कन्हैया बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके चाचा एसपी (सिटी) के ऑफिस में बतौर मुंशी तैनात हैं। कन्हैया खोराबार के शिवपुरी कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। घरवालों के मुताबिक गोरखपुर में अकेले रहता था। तीन नवंबर की सुबह कमरे से निकलने के बाद वह वापस नहीं आया। मोबाइल स्विच ऑफ होने पर घरवालों ने दोस्तों के साथ ही रिश्तेदारों से उसके बारे में जानकारी जुटाई लेकिन कुछ पता नहीं चला। बेलीपार थानाक्षेत्र में चार नवंबर को सिरकटी लाश मिलने की सूचना के बाद शुक्रवार को कन्हैया के भाई जितेंद्र घरवालों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता चला कि लाश कन्हैया की थी। शुक्रवार देर शाम राप्ती नदी के तट पर दाह संस्कार किया गया। शव की शिनाख्त होने के बाद बेलीपार पुलिस कन्हैया की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के सहारे हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी
चार नवंबर को नाउरदेउर - बांसगांव मार्ग पर लोगों ने सड़क किनारे एक युवक की सिर कटी लाश देखी थी। युवक के शरीर पर सफेद और नीले रंग की शर्ट तथा भूरे रंग की जींस थी। हत्या के बाद कपड़े और शरीर को जलाकर कन्हैया की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी।
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कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के ढाढ़ा बुजुर्ग गांव के रहने वाले नवल किशोर राव का 25 वर्षीय बेटा भूपेंद्र उर्फ कन्हैया बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके चाचा एसपी (सिटी) के ऑफिस में बतौर मुंशी तैनात हैं। कन्हैया खोराबार के शिवपुरी कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। घरवालों के मुताबिक गोरखपुर में अकेले रहता था। तीन नवंबर की सुबह कमरे से निकलने के बाद वह वापस नहीं आया। मोबाइल स्विच ऑफ होने पर घरवालों ने दोस्तों के साथ ही रिश्तेदारों से उसके बारे में जानकारी जुटाई लेकिन कुछ पता नहीं चला। बेलीपार थानाक्षेत्र में चार नवंबर को सिरकटी लाश मिलने की सूचना के बाद शुक्रवार को कन्हैया के भाई जितेंद्र घरवालों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता चला कि लाश कन्हैया की थी। शुक्रवार देर शाम राप्ती नदी के तट पर दाह संस्कार किया गया। शव की शिनाख्त होने के बाद बेलीपार पुलिस कन्हैया की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के सहारे हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
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पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी
चार नवंबर को नाउरदेउर - बांसगांव मार्ग पर लोगों ने सड़क किनारे एक युवक की सिर कटी लाश देखी थी। युवक के शरीर पर सफेद और नीले रंग की शर्ट तथा भूरे रंग की जींस थी। हत्या के बाद कपड़े और शरीर को जलाकर कन्हैया की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी।
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