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खानपान की कमी से कम हो रही आंखों की रोशनी
Gorakhpur
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। कम उम्र में ही आंखों की रोशनी कम हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से देहात इलाकों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के आंखों की जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। आठ से 12 आयु वर्ग के बच्चों के आंखों की रोशनी कम हो चुकी है। डॉक्टर इसकी वजह खानपान की कमी बता रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार विटामिन ए की कमी होने के कारण आंखों की रोशनी कम हो रही है। इसके अलावा टीवी और मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल भी इसकी मुख्य वजहों में से एक है।
स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के आंखों की जांच की जाती है। बीते कुछ महीनों में किए गए जांच में आठ से 12 आयु वर्ग के 3328 बच्चों के आंखों की रोशनी कम मिली और डॉक्टरों ने इन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी है। बीते दो वर्षों की तुलना में यह संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष किए गए जांच में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के आंखों की रोशनी कम पाई गई थी और आठ से 12 आयु वर्ग वाले बच्चों की संख्या 1802 ही थी। हालांकि विटामिन ए की कमी न होने पाए इसके लिए सरकार की ओर से बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है लेकिन हालिया स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग को चौंका दिया है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष शुक्ला बताते हैं कि आंखों की रोशनी के लिए विटामिन ए ही जिम्मेदार होता है। खानपान में कमी के कारण रोशनी कमजोर हो रही है। देहात इलाकों में यह माना जाता था कि बच्चे ताजे फलों और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं जिसकी वजह से उनकी आंखें ठीक होती हैं। लेकिन जांच के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उसके अनुसार खानपान में कमी इसके लिए जिम्मेदार है।
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स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के आंखों की जांच की जाती है। बीते कुछ महीनों में किए गए जांच में आठ से 12 आयु वर्ग के 3328 बच्चों के आंखों की रोशनी कम मिली और डॉक्टरों ने इन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी है। बीते दो वर्षों की तुलना में यह संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष किए गए जांच में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के आंखों की रोशनी कम पाई गई थी और आठ से 12 आयु वर्ग वाले बच्चों की संख्या 1802 ही थी। हालांकि विटामिन ए की कमी न होने पाए इसके लिए सरकार की ओर से बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है लेकिन हालिया स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग को चौंका दिया है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष शुक्ला बताते हैं कि आंखों की रोशनी के लिए विटामिन ए ही जिम्मेदार होता है। खानपान में कमी के कारण रोशनी कमजोर हो रही है। देहात इलाकों में यह माना जाता था कि बच्चे ताजे फलों और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं जिसकी वजह से उनकी आंखें ठीक होती हैं। लेकिन जांच के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उसके अनुसार खानपान में कमी इसके लिए जिम्मेदार है।
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