{"_id":"67-97382","slug":"Gorakhpur-97382-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 प्रधानों को अधिकार सीज करने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 प्रधानों को अधिकार सीज करने की चेतावनी
Gorakhpur
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। निर्मल भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर डीपीआरओ समरजीत यादव ने छह ब्लाकों के 19 प्रधानों को नोटिस देकर पावर सीज करने की चेतावनी दी है। सभी प्रधानों से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीपीआरओ ने कैंपियरगंज ब्लाक के सनगद, मछलीगांव, सोनौरा खुर्द, मेझुका, नवापार, सोनौरा बुजुर्ग और बांसगांव ब्लाक के टडवा, किशनपुर उर्फ काही, गोड़सैरा, लाहीडाडी गांव के प्रधानों के साथ साथ ब्रह्मपुर के सिंहपुर, भटहट के पोखरभिंडा और ताजपिपरा, पिपराईच के जंगल सुभान अली तथा खोराबार ब्लाक के डांगीपार, जंगल रामगढ़ उर्फ चवरी, चाफा तथा सेमरामानिक चक पंचायतों के प्रधानों को नोटिस दिया गया है।
डीपीआरओ का कहना है कि 2013-14 में ही इन सभी ग्राम पंचायतों में निर्मल भारत अभियान के तहत शौचालय बनवाने के लिए फंड जारी किया गया था, लेकिन अभी तक इन प्रधानों द्वारा काम पूरा नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो उप्र पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छह) के तहत संबंधित प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते हुए प्रधान पद के कार्यों को देखने के लिए कमेटी गठित कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीपीआरओ ने कैंपियरगंज ब्लाक के सनगद, मछलीगांव, सोनौरा खुर्द, मेझुका, नवापार, सोनौरा बुजुर्ग और बांसगांव ब्लाक के टडवा, किशनपुर उर्फ काही, गोड़सैरा, लाहीडाडी गांव के प्रधानों के साथ साथ ब्रह्मपुर के सिंहपुर, भटहट के पोखरभिंडा और ताजपिपरा, पिपराईच के जंगल सुभान अली तथा खोराबार ब्लाक के डांगीपार, जंगल रामगढ़ उर्फ चवरी, चाफा तथा सेमरामानिक चक पंचायतों के प्रधानों को नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन
डीपीआरओ का कहना है कि 2013-14 में ही इन सभी ग्राम पंचायतों में निर्मल भारत अभियान के तहत शौचालय बनवाने के लिए फंड जारी किया गया था, लेकिन अभी तक इन प्रधानों द्वारा काम पूरा नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो उप्र पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छह) के तहत संबंधित प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते हुए प्रधान पद के कार्यों को देखने के लिए कमेटी गठित कर दी जाएगी।
विज्ञापन