{"_id":"67-96822","slug":"Gorakhpur-96822-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल में भी दिखेगा समुद्री तूफान हुदहुद का असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल में भी दिखेगा समुद्री तूफान हुदहुद का असर
Gorakhpur
Updated Sun, 12 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। समुद्री तूफान हुदहुद का असर पूर्वांचल में भी दिखेगा। यहां 13 से 15 अक्टूबर तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इस बीच 25 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि तूफान का असर आंशिक रहेगा लेकिन इससे खेती-किसानी को नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग ने मैसेज के जरिए किसानों को सजग रहने का अलर्ट किया है।
जलवायु विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक अति तीव्र गति वाला तूफान होने के कारण हुदहुद का असर झारखंड और बिहार के रास्ते पूर्वांचल में भी होगा। 12 अक्टूबर की रात से ही मौसम में बदलाव होने लगेगा। 13 से 15 अक्टूबर तक गरज के साथ बारिश की संभावना है। जे कि 25 से 30 मिलीमीटर प्रतिदिन के बीच हो सकती है। इस दौरान पूरब की ओर से हवा के तेज झोके चलेंगे। तापमान तेजी से नीचे खिसकेगा और ठंड महसूस होने लगेगी। इस तूफान के असर से फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
0
गन्ने की कटाई कर लें किसान
कृषि विभाग द्वारा शनिवार को भेजे गए अलर्ट मैसेज में गन्ने की खेती को लेकर किसानों को सुझाव दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि किसान तैयार गन्ने की फसल की कटाई कर लें। 10 से 15 गन्ने को साथ बांध लें ताकि तेज हवा से नुकसान कम हो सके।
विज्ञापन
0
आलू, चना, मटर, सरसों की बुवाई न करें
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि किसान आलू, सरसों, मटर, चना की बुवाई अभी रोक दें। बारिश से नुकसान हो सकता है। संभव हो तो धान की पककर तैयार फसल की कटाई कर लें। फसल के गिरने से काफी नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
जलवायु विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक अति तीव्र गति वाला तूफान होने के कारण हुदहुद का असर झारखंड और बिहार के रास्ते पूर्वांचल में भी होगा। 12 अक्टूबर की रात से ही मौसम में बदलाव होने लगेगा। 13 से 15 अक्टूबर तक गरज के साथ बारिश की संभावना है। जे कि 25 से 30 मिलीमीटर प्रतिदिन के बीच हो सकती है। इस दौरान पूरब की ओर से हवा के तेज झोके चलेंगे। तापमान तेजी से नीचे खिसकेगा और ठंड महसूस होने लगेगी। इस तूफान के असर से फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन
0
गन्ने की कटाई कर लें किसान
कृषि विभाग द्वारा शनिवार को भेजे गए अलर्ट मैसेज में गन्ने की खेती को लेकर किसानों को सुझाव दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि किसान तैयार गन्ने की फसल की कटाई कर लें। 10 से 15 गन्ने को साथ बांध लें ताकि तेज हवा से नुकसान कम हो सके।
विज्ञापन
0
आलू, चना, मटर, सरसों की बुवाई न करें
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि किसान आलू, सरसों, मटर, चना की बुवाई अभी रोक दें। बारिश से नुकसान हो सकता है। संभव हो तो धान की पककर तैयार फसल की कटाई कर लें। फसल के गिरने से काफी नुकसान हो सकता है।