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महिला अस्पताल में दो घंटे काम ठप
Gorakhpur
Updated Sun, 20 Apr 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। मार्च का वेतन नहीं मिलने से नाराज महिला अस्पताल के कर्मचारी शनिवार सुबह हड़ताल पर चले गए। जिसमें नर्सं भी शामिल हुईं। इससे मरीजों को काफी दिक्कत हुई। बाद में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनीता कुमार ने वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद सभी कर्मचारी काम पर लौट आए।
बता दें कि पिछले महीने एडी हेल्थ डॉ. डीएन त्रिपाठी ने जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में डॉक्टर, एलटी समेत कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। नाराज एडी हेल्थ ने संबंधित का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश का समय से पालन ही नहीं हो सका। जिस बाबू को वेतन बनाना था वह तय ही नहीं कर सका कि किसका वेतन कटना या किसका नहीं। इस चक्कर में अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मचारियों का मार्च का वेतन अभी तक नहीं आ सका। वेतन के लिए कर्मचारी लगातार मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से गुहार लगा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। शनिवार सुबह अचानक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी काम छोड़कर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद नर्स और कुछ अन्य कर्मचारी भी धरने में शामिल हो गए। मरीजों की दिक्कत को देखते हुए चिकित्सा अधीक्षक पहुंचीं और वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे।
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बता दें कि पिछले महीने एडी हेल्थ डॉ. डीएन त्रिपाठी ने जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में डॉक्टर, एलटी समेत कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। नाराज एडी हेल्थ ने संबंधित का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश का समय से पालन ही नहीं हो सका। जिस बाबू को वेतन बनाना था वह तय ही नहीं कर सका कि किसका वेतन कटना या किसका नहीं। इस चक्कर में अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मचारियों का मार्च का वेतन अभी तक नहीं आ सका। वेतन के लिए कर्मचारी लगातार मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से गुहार लगा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। शनिवार सुबह अचानक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी काम छोड़कर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद नर्स और कुछ अन्य कर्मचारी भी धरने में शामिल हो गए। मरीजों की दिक्कत को देखते हुए चिकित्सा अधीक्षक पहुंचीं और वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे।
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