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400 मरीजों की जांच के लिए केवल एक एक्स रे मशीन
Gorakhpur
Updated Sat, 12 Apr 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने-वाले मरीजों की जांच एक एक्स-रे मशीन के सहारे हो रही है। नतीजतन कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। कहने को तो इस विभाग में पांच एक्स-रे मशीन हैं, लेकिन इसमें से चार मशीनें खराब हैं। जिससे मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण इस तरह की दिक्कत हो रही है जबकि कर्मचारी मशीनें खराब होने को वजह बता रहे हैं। वजह चाहे जो हो लेकिन इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें एक एक्स-रे के लिए दो से तीन दिन तक विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कॉलेज में इस समय कुल सात एक्स-रे मशीनें हैं। जिनमें से पांच रेडियोलॉजी विभाग में जबकि एक-एक ट्रामा सेंटर और ऑपरेशन थिएटर में है। ऑपरेशन थिएटर की मशीन तो ऑपरेशन के लिए ही इस्तेमाल होती है जबकि ट्रामा सेंटर की मशीन बेहद कम क्षमता की है, इसलिए छोटे एक्स-रे के काम में ही आ सकती है। रेडियोलॉजी विभाग में पांच में से केवल एक पर ही जांच हो रही है। मरीजों के पूछने पर कर्मचारी यह कहकर बात टाल रहे हैं कि बाकी मशीनें काम नहीं कर रही हैं। ज्यादा पूछताछ करने पर मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। हर दिन एक्स रे कराने के लिए करीब 400 मरीज आ रहे हैं, लेकिन 100 से 125 मरीजों का ही एक्स-रे ही हो पा रहा है।
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कॉलेज में इस समय कुल सात एक्स-रे मशीनें हैं। जिनमें से पांच रेडियोलॉजी विभाग में जबकि एक-एक ट्रामा सेंटर और ऑपरेशन थिएटर में है। ऑपरेशन थिएटर की मशीन तो ऑपरेशन के लिए ही इस्तेमाल होती है जबकि ट्रामा सेंटर की मशीन बेहद कम क्षमता की है, इसलिए छोटे एक्स-रे के काम में ही आ सकती है। रेडियोलॉजी विभाग में पांच में से केवल एक पर ही जांच हो रही है। मरीजों के पूछने पर कर्मचारी यह कहकर बात टाल रहे हैं कि बाकी मशीनें काम नहीं कर रही हैं। ज्यादा पूछताछ करने पर मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। हर दिन एक्स रे कराने के लिए करीब 400 मरीज आ रहे हैं, लेकिन 100 से 125 मरीजों का ही एक्स-रे ही हो पा रहा है।
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