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बेटा न जनने पर पति ने छोड़ दिया था साथ
Gorakhpur
Updated Sat, 18 Jan 2014 05:45 AM IST
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बस्ती। एनसीसी बी सर्टिफिकेट हासिल करने वाली हिना अपनी मां की तपस्या को सार्थक बनाने में लगी है। 2011 और 2012 में राष्ट्रीय खेेलकूूद प्रतियोगिता में यूपी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हिना इस समय हैदराबाद में होने वाले राष्ट्रीय महिला खेेल में हिस्सा लेने की तैयारी में जुटी है।
20 साल पहले जब हिना खातून मां के गर्भ में थी तभी पिता ने दूसरी शादी कर ली। कारण था कि ताराबुन्निशा ने छह बेटियों को ही जना था। पति का साथ छूटने के बाद ताराबुन्निशा के सामने बेटियों की परवरिश की चुनौती थी पर उन्होंने हार नहीं मानी। शहर से आठ किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे पर मरवटिया चौराहे के पास झोपड़ी में आसरा लिया और बेटियों की परवरिश में जुट गईं। भरण-पोषण के लिए अंडे की दुकान खोली। बेटियों की पढ़ाई भी जेहन में थी दुकान से काम नहीं चला तो उन्होंने दूसरों के घरों में काम भी किया। तीन की शादी भी किसी तरह कर दी। सबसे छोटी बेटी हिना तमाम मुश्किलों के बावजूद पढ़ाई में जुटी रही। साथ ही उसकी रुचि खेल में भी रही। उसने बस्ती जीजीआईसी से 2010 में हाईस्कूल और 2012 में इंटर पास किया। इसके साथ ही वह अपनी सहपाठी के साथ स्टेडियम आने जाने लगी। खेल में उसकी लगन और रुचि को देखकर उसके कोच ने भी आगे बढ़ाने में की पूरी कोशिश की।
राष्ट्रीय महिला खेल प्रतियोगिता में करेगी प्रतिभाग
27-30 जनवरी तक हैदराबाद में होने वाली राष्ट्रीय महिला खेल प्रतियोगिता में हिना हैंडबाल में प्रतिभा प्रदर्शन दिखाने को बेताब है। इसके लिए वह रोजाना सुबह और शाम 32 किलोमीटर की दूरी तय कर स्टेडियम में अभ्यास के लिए जाती है।
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राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी हिना
हैंडबाल कोच और जिला क्रीड़ाधिकारी सुरेश बोनकर कहते हैं कि हिना हैंडबाल की बेहतर खिलाड़ी है। उसकी मेहनत और लगन को देखते हुए हर संभव मदद की जाती है। हैदराबाद में होने वाली स्पर्धा में लान टेनिस, हाकी और हैंडबाल में यूपी टीम प्रतिभाग करेगी। पूर्ण विश्वास है कि हिना हैंडबाल में अपने प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगी।
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20 साल पहले जब हिना खातून मां के गर्भ में थी तभी पिता ने दूसरी शादी कर ली। कारण था कि ताराबुन्निशा ने छह बेटियों को ही जना था। पति का साथ छूटने के बाद ताराबुन्निशा के सामने बेटियों की परवरिश की चुनौती थी पर उन्होंने हार नहीं मानी। शहर से आठ किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे पर मरवटिया चौराहे के पास झोपड़ी में आसरा लिया और बेटियों की परवरिश में जुट गईं। भरण-पोषण के लिए अंडे की दुकान खोली। बेटियों की पढ़ाई भी जेहन में थी दुकान से काम नहीं चला तो उन्होंने दूसरों के घरों में काम भी किया। तीन की शादी भी किसी तरह कर दी। सबसे छोटी बेटी हिना तमाम मुश्किलों के बावजूद पढ़ाई में जुटी रही। साथ ही उसकी रुचि खेल में भी रही। उसने बस्ती जीजीआईसी से 2010 में हाईस्कूल और 2012 में इंटर पास किया। इसके साथ ही वह अपनी सहपाठी के साथ स्टेडियम आने जाने लगी। खेल में उसकी लगन और रुचि को देखकर उसके कोच ने भी आगे बढ़ाने में की पूरी कोशिश की।
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राष्ट्रीय महिला खेल प्रतियोगिता में करेगी प्रतिभाग
27-30 जनवरी तक हैदराबाद में होने वाली राष्ट्रीय महिला खेल प्रतियोगिता में हिना हैंडबाल में प्रतिभा प्रदर्शन दिखाने को बेताब है। इसके लिए वह रोजाना सुबह और शाम 32 किलोमीटर की दूरी तय कर स्टेडियम में अभ्यास के लिए जाती है।
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राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी हिना
हैंडबाल कोच और जिला क्रीड़ाधिकारी सुरेश बोनकर कहते हैं कि हिना हैंडबाल की बेहतर खिलाड़ी है। उसकी मेहनत और लगन को देखते हुए हर संभव मदद की जाती है। हैदराबाद में होने वाली स्पर्धा में लान टेनिस, हाकी और हैंडबाल में यूपी टीम प्रतिभाग करेगी। पूर्ण विश्वास है कि हिना हैंडबाल में अपने प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगी।