फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   इंजीनियर निकला एटीएम चोरी का मास्टर माइंड

इंजीनियर निकला एटीएम चोरी का मास्टर माइंड

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। एटीएम चोरी की सनसनीखेज घटना में जिस पर शक जताया गया वह सही साबित हुआ। डायबोल्ट कंपनी का सर्विस इंजीनियर ही इस वारदात का सूत्रधार निकला। इंजीनियर बृजेश ने साथियों की मदद से एटीएम को री सेट कोड के जरिए खोला और उसमें से 45 लाख रुपये की रकम निकाल ली। इन लोगों ने तीन साल पहले यूनियन बैंक के एटीएम से भी 11 लाख रुपये की चोरी की थी। एसटीएफ की पूछताछ में अभियुक्तों ने घटना का खुलासा किया।
विज्ञापन

गौरी बाजार देवरिया का विनय कुमार मणि त्रिपाठी और भाटपाररानी का बृजेश यादव इस समय तरंग क्रासिंग के पास एक ही रूम में रहते थे। बिछिया के गौरव दूबे और खुखुंदू के अनुज त्रिपाठी उनके मित्र हैं। एसटीएफ ने इन्हीं चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बृजेश ने बताया कि वह करीब पांच सालों से डायबोल्ट कंपनी का सर्विस इंजीनियर है। उसने बताया कि एसबीआई के एटीएम का लॉक एक सितम्बर को बदला गया था। उसको तभी से इसकी जानकारी थी। उसे पता था कि यह एटीएम पासवर्ड के साथ-साथ पहले से री-सेट कोड से भी खुल जायेगा। देवरिया सलेमपुर का उसका दोस्त राहुल सिंह भी पहले डायबोल्ट कम्पनी में इंजीनियर था। एटीएम से चोरी करने की योजना सात नवंबर की रात में बनायी गई थी। रात में उसी के कमरे पर विनय, राहुल और उसने शराब पी थी। इसी समय एटीएम से पैसा चोरी करने की योजना बनी थी। रात में ही उसने विनय व राहुल को प्रशान्त टावर स्थिति एटीएम के एटीएम री-सेट कोड से खुलने के बारे में बताया। इसके बाद आठ और नौ तारीख की रात को इस वारदात को अंजाम दे दिया गया। एसटीएफ की टीम में घटना में शामिल फरार दो युवकों की तलाश में है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने 24,98,500 रुपये, पांच मोबाइल (सिम कार्ड के साथ) और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
विज्ञापन


पहले भी कर चुके हैं 11 लाख की लूट
विनय ने बताया कि बृजेश उसका रूम पार्टनर है। बृजेश और राहुल के साथ मिल कर उसने अक्टूबर 2009 में आजाद चौक रुस्तमपुर पर यूनियन बैंक के एटीएम से इसी तरह 11 लाख रुपये निकाल लिए थे। ये एटीएम भी डायबोल्ट कम्पनी के ही अंडर में था। उस बार वह पकड़े नहीं गए। एसबीआई के एटीएम से रुपये चोरी करने के बाद उन लोगों ने गौरव कुमार दुबे के माध्यम से इस रकम को अनुज त्रिपाठी एवं सत्येन्द्र उर्फ ‘सत्यम’ के पास रखवाई थी। गिरफ्तार अभियुक्तों से इसी प्रकार की अन्य घटनाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ टीम ने बताया कि इस घटना में प्रकाश में आये दो अभियुक्त अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद बाकी रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed