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नहीं मिला इंस्पायर एवार्ड, चेक में थीं खामियां
Gorakhpur
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। जूनियर हाईस्कूलों में इंस्पायर एवार्ड के लिए चयनित करीब 325 विद्यार्थियों को इंस्पायर एवार्ड नहीं मिल पाया। बांटने के लिए आए चेक में विद्यार्थियों का नाम, पिता का नाम गलत था। इनमें करीब 100 विद्यार्थी ऐसे हैं जो अब कक्षा आठ तक पढ़ाई भी पूरी कर चुके हैं और उनका दाखिला इंटर कालेज में हो चुका है।
छोटे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और उनमें वैज्ञानिक सोच पैदा करने के मकसद से डीएसटी (डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी) भारत सरकार ने इंस्पायर एवार्ड योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 10 से 14 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाकर प्रदर्शित करना होता है। जनपद स्तरीय, राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के बाद चयनित छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिया जाता है। जनपद स्तर पर चयनित बच्चों को शुरू में ही प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए 5000 रुपये छात्रवृत्ति के तौर पर दे दी जाती है। जिले में कुल 832 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। जबकि 325 विद्यार्थियों को चेक नहीं दिया गया। जो चेक आया था उसमें काफी गलतियां पाई गईं। सभी विद्यार्थी प्रदर्शनी में भाग ले चुके हैं और अब स्कूल भी छोड़ चुके हैं। सवाल यह भी है कि चेक सही होकर आता भी है तो उन्हें कैसे मिलेगा।
इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक विवेक जायसवाल ने बताया कि चेक में नाम, पिता का नाम गलत हो गया था। लिहाजा बांटा नहीं जा सका। चेक को सही कराने के लिए भेजा गया है। सही होकर आएगा तो वितरित किया जाएगा।
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छोटे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और उनमें वैज्ञानिक सोच पैदा करने के मकसद से डीएसटी (डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी) भारत सरकार ने इंस्पायर एवार्ड योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 10 से 14 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाकर प्रदर्शित करना होता है। जनपद स्तरीय, राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के बाद चयनित छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिया जाता है। जनपद स्तर पर चयनित बच्चों को शुरू में ही प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए 5000 रुपये छात्रवृत्ति के तौर पर दे दी जाती है। जिले में कुल 832 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। जबकि 325 विद्यार्थियों को चेक नहीं दिया गया। जो चेक आया था उसमें काफी गलतियां पाई गईं। सभी विद्यार्थी प्रदर्शनी में भाग ले चुके हैं और अब स्कूल भी छोड़ चुके हैं। सवाल यह भी है कि चेक सही होकर आता भी है तो उन्हें कैसे मिलेगा।
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इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक विवेक जायसवाल ने बताया कि चेक में नाम, पिता का नाम गलत हो गया था। लिहाजा बांटा नहीं जा सका। चेक को सही कराने के लिए भेजा गया है। सही होकर आएगा तो वितरित किया जाएगा।
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