फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   खास आदमी के साथ से कामयाब हुआ बदमाश

खास आदमी के साथ से कामयाब हुआ बदमाश

Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर। एसबीआई के एटीएम से 41 लाख की चोरी में सिस्टम से जुड़े किसी खास व्यक्ति का हाथ था। पहले चरण की जांच में साफ हो गया है कि कैश बाक्स का पासवर्ड हैक या क्रेक नहीं किया गया बल्कि सही कोड डालकर उसे खोला गया था। पुलिस अब पासवर्ड के लीक होने के बारे में सुरागरशी कर रही है। एक्सपर्ट धुंधली वीडियो फुटेज को और क्लियर करने में जुटे हैं। पुलिस ने एटीएम पर मिले फिंगर प्रिंट से कुछ लोगों के उंगलियों के निशान से मिलान कराने की तैयारी में है। शनिवार को पुलिस ने एटीएम से जुडे़ बैंक और कंपनी के सभी नए पुराने कर्मचारियों से पूछताछ की। आईटी एक्सपर्ट के साथ एसटीएफ भी छानबीन में लगी है। खोराबार थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
टीपीनगर के प्रशांत टॉवर में एसबीआई के एटीएम का कैश बाक्स खोलकर बदमाश ने 41 लाख रुपये चोरी कर लिए। इसका खुलासा शुक्रवार की रात साढ़े 12 बजे हुआ। बताया गया कि कैश लोडर ने शुक्रवार को 30 लाख रुपये एटीएम में डाला था। 12 लाख रुपये पहले से था। रात में सवा 12 बजे पहुंचे बदमाश ने एटीएम से 41 लाख रुपये चोरी कर लिए। सुबह लोडर एटीएम चेक करने पहुंचे तो पासवर्ड ब्लॉक हो चुका था। शाम साढ़े चार बजे पता चला कि एटीएम से रुपये गायब हैं। डीआईजी, एसएसपी और एसपी सिटी समेत जिले के सभी सीओ और कई एसओ मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन


सिस्टम से जुडे़ हर शख्स से पूछताछ
सीओ कैंट ने शनिवार को बैंक के एटीएम सेल, डिबोल्ड कंपनी के इंजीनियर और सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड से पूछताछ की। इस दौरान वर्तमान और पहले काम कर चुके कर्मचारी मौजूद थे। एटीएम में रुपये भरने और निकालने के साथ साथ उन्होंने पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। बैंक अधिकारियों से एटीएम में कैश भरने के बाद बैलेंस, रकम के डेबिट, क्रेडिट होने, कंपनी कर्मचारियों से पासवर्ड और सिक्योरिटी एजेंसी से सुरक्षा आदि के बारे में पूछताछ की गई। एसएसपी और डीआईजी ने भी मामले में जानकारी जुटाई। एसटीएफ के पुलिस कर्मी साइबर क्रिमिनल का आपराधिक इतिहास और इसके पहले हुई ऐसी घटनाओं और आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। बैंक के आईटी एक्सपर्ट भी मामले में अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। इतनी बड़ी रकम निकालने के बाद झोले या बैग में डालकर ले जाते समय भी किसी ने बदमाश को नहीं देखा। ऐसे में सिक्योरिटी के लिए लगे गार्ड से भी पूछताछ की जा रही है। इसे मामले में आखिरी ट्रांजक्शन करने वाले व्यक्ति से पूछताछ होगी। लखनऊ से तकनीकी विशेषज्ञों (साइबर एक्सपर्ट) की टीम आएगी जो इस मामले की जांच करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैसे लीक हुआ पासवर्ड
सीओ कैंट ने बताया कि पूछताछ में जो जानकारियां मिली हैं उससे आशंका है कि पासवर्ड हैक या क्रेक नहीं हुआ बल्कि सही पासवर्ड डालकर कैश बाक्स खोला गया था। कई डिजिट वाले दो पासवर्ड को तीन मिनट के अंदर बगैर किसी प्रोग्रामिंग के क्रेक करना और नया पासवर्ड डालकर खोलना मुमकिन नहीं लग रहा है। अब ये पता किया जा रहा है कि पासवर्ड लीक हुआ कैसे? या तो मिलीभगत से पासवर्ड बताया गया या फिर धोखा देकर या विश्वास तोड़कर इसे हासिल किया गया है। इसकी पड़ताल की जा रही है।

क्लियर की जा रही वीडियो फुटेज
घटना के समय की वीडियो फुटेज धुंधली है। हालांकि जो रिकार्डिंग हुई है उसमें भी बदमाश का चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है। कैमरे के बारे में जानकारी होने के चलते बदमाश दीवाल से सटकर एटीएम में घुसा था। उसने चेहरा गमछे से बांध रखा था। मशीन के सामने पहुंचने के बाद वह नीचे की तरफ बैठ गया था जिसके चलते पूरा चेहरा भी नहीं दिख रहा था। एक्सपर्ट के जरिए पुलिस वीडियो फुटेज को और क्लियर करने में जुटी है। पुलिस उसके हुलिये के आधार पर कुछ सुराग लगाने में जुटी है।

फिंगर प्रिंट से कराया जाएगा मिलान
एटीएम पर मौजूद फिंगर प्रिंट को एक्सपर्ट ने सुरक्षित कर लिया है। मशीन पर कई निशान मिलने के बाद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जांच के दौरान पुलिस कुछ चुनिंदा लोगों के फिंगर प्रिंट से रिपोर्ट का मिलान करने की तैयारी में है। हुलिये और फिंगर प्रिंट के अलावा पुलिस कई और बिंदुओं पर जांच करने की बात कह रही है।

नियमित तौर पर बदलते रहें पासवर्ड
क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के बाद कैश लोड करने वाले सभी लोडर से पासवर्ड बदलने की बात कही गई है। यही नहीं नियमित तौर पर पासवर्ड बदलते रहने और इसकी गोपनीयता बरकरार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की बैठक बुलाकर घटना के बारे में विचार किया जाएगा। बैंक की तरफ से पुलिस की जांच में हरसंभव मदद की जाएगी। शहर में जिन एटीएम में सीसीटीवी नहीं है वहां जल्द ही सीसीटीवी लगाने की तैयारी हो रही है।


‘पहले चरण की पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। सिस्टम से जुड़े किसी शख्स की मिलीभगत या लापरवाही के चलते घटना हुई प्रतीत हो रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।’
आशुतोष कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed