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प्यार और विश्वास के प्रतीक करवाचौथ की धूम, चांद देख की पति की लंबी उम्र की कामना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:41 AM IST
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करवाचौथ
- फोटो : amar ujala
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सुबह से निराजल व्रत और दिन भर पकवानों की तैयारी, शाम होते ही महिलाओं की नजरें आसमान में चंद्रमा को तलाशने लगीं। हसरत पूरी हुई शाम करीब आठ बजे। विधिविधान से पूजा की फिर छननी से पहले चांद फिर पति का दीदार। दुआ मांगी की पति दीर्घायु हों। इसके बाद पतियों ने पानी पिलाकर व्रत का उद्यापन कराया।
शनिवार को शहर में पति-पत्नी के प्यार और विश्वास के प्रतीक करवाचौथ की धूम रही।दिन में चंद्रमा, शिव, पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और गौरा की पूजा की। शाम होते ही हर घर की छत पर महिलाएं, बच्चे, पुरूष चांद के इंतजार में दिखे। चांद निकलते ही हर चेहरे खुशी से चमक उठे। व्रत रहने वाली कुछ महिलाएं ऐसी भी थीं जिनके पति बाहर थे। उन्होंने पति के दीदार के लिए वीडियो चैट का सहार लिया।
विधि विधान से की पूजा
जगन्नाथपुर की चंदना श्रीवास्तव, गिन्नी श्रीवास्तव, बेतियाहाता की पुंखुड़ी, सिंधी कॉलोनी की मंजू केशवानी, गरिमा, अर्चना, पलक, गीत, दाउदपुर की पल्लवी, हड़हवा फाटक की प्रतिभा सभी ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया।
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गुरूद्वारे में जुटीं पंजाबी समाज की महिलाएं
पंजाबी समाज में करवाचौथ के व्रत का विधान थोड़ा अलग होता है। शरद पूर्णिमा पर छोटे करवाचौथ व्रत होता है । फिर करवाचौथ के दिन विधिविधान से पूजा करती हैं। मोहद्दीपुर की नीरू खत्री ने बताया कि करवा चौथ पर गुरूद्वारे में बहुत सी महिलाओं ने पूजा की।
पैडलेगंज की पल्लवी ने बताया कि उनका पहला व्रत था। सास समेत सुसराल के सभी लोग उनके घर पर ही आए। व्रत तोड़ने के बाद सास ने सोने का कंगन भेंट किया। निरूपमा, नीता, मानसी, रेखा, सुषमा, मीना, शैलजा, आशा आदि महिलाओं ने भी विधिविधान से पूजा की।
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शनिवार को शहर में पति-पत्नी के प्यार और विश्वास के प्रतीक करवाचौथ की धूम रही।दिन में चंद्रमा, शिव, पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और गौरा की पूजा की। शाम होते ही हर घर की छत पर महिलाएं, बच्चे, पुरूष चांद के इंतजार में दिखे। चांद निकलते ही हर चेहरे खुशी से चमक उठे। व्रत रहने वाली कुछ महिलाएं ऐसी भी थीं जिनके पति बाहर थे। उन्होंने पति के दीदार के लिए वीडियो चैट का सहार लिया।
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विधि विधान से की पूजा
जगन्नाथपुर की चंदना श्रीवास्तव, गिन्नी श्रीवास्तव, बेतियाहाता की पुंखुड़ी, सिंधी कॉलोनी की मंजू केशवानी, गरिमा, अर्चना, पलक, गीत, दाउदपुर की पल्लवी, हड़हवा फाटक की प्रतिभा सभी ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया।
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गुरूद्वारे में जुटीं पंजाबी समाज की महिलाएं
पंजाबी समाज में करवाचौथ के व्रत का विधान थोड़ा अलग होता है। शरद पूर्णिमा पर छोटे करवाचौथ व्रत होता है । फिर करवाचौथ के दिन विधिविधान से पूजा करती हैं। मोहद्दीपुर की नीरू खत्री ने बताया कि करवा चौथ पर गुरूद्वारे में बहुत सी महिलाओं ने पूजा की।
पैडलेगंज की पल्लवी ने बताया कि उनका पहला व्रत था। सास समेत सुसराल के सभी लोग उनके घर पर ही आए। व्रत तोड़ने के बाद सास ने सोने का कंगन भेंट किया। निरूपमा, नीता, मानसी, रेखा, सुषमा, मीना, शैलजा, आशा आदि महिलाओं ने भी विधिविधान से पूजा की।