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मुआवजे के लिए छह ही किसान आगे आए
Updated Thu, 26 Oct 2017 07:53 PM IST
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किसान।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। जीडीए के लिए मानबेला विवाद अभी भी सिरदर्द बना हुआ है। ब्याज माफी के बाद किसानों के एक पक्ष से समझौते के बाद भी अभी तक सिर्फ छह किसान मुआवजा लेने के लिए आगे आए हैं। सीएम के दखल पर जीडीए की तरफ से मुआवजे की राशि बढ़ाकर 70 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर करने के बाद करीब 80 किसानों ने मुआवजे के लिए प्रोफार्मा भरा था।
जीडीए अब किसान नेताओं के मार्फत किसानों को मुआवजा लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। वहीं सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रहा किसानों का दूसरा पक्ष कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि दो फाड़ हो जाने की वजह से किसान भ्रमित हैं। कई किसानों को यह लग रहा है कि दूसरा पक्ष विरोध पर कायम है, ऐसे में कहीं सरकार या कोर्ट के जरिए उन्हें ज्यादा मुआवजा मिला तो वे ठगे रहे जाएंगे। उधर प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने यह तय कर लिया है कि मानबेला मामले में अब वे कोई और छूट नहीं देंगे। उनका कहना है कि किसानों और उनके बीच जो समझौता हुआ था, प्राधिकरण उस हर शर्त को पूरा कर रहा है।
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जीडीए अब किसान नेताओं के मार्फत किसानों को मुआवजा लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। वहीं सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रहा किसानों का दूसरा पक्ष कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि दो फाड़ हो जाने की वजह से किसान भ्रमित हैं। कई किसानों को यह लग रहा है कि दूसरा पक्ष विरोध पर कायम है, ऐसे में कहीं सरकार या कोर्ट के जरिए उन्हें ज्यादा मुआवजा मिला तो वे ठगे रहे जाएंगे। उधर प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने यह तय कर लिया है कि मानबेला मामले में अब वे कोई और छूट नहीं देंगे। उनका कहना है कि किसानों और उनके बीच जो समझौता हुआ था, प्राधिकरण उस हर शर्त को पूरा कर रहा है।
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