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मातमी जुलूस में बुलंद हुईं ‘या हुसैन’ की सदाएं
Updated Tue, 26 Sep 2017 09:39 PM IST
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गोरखपुर।
पांचवीं मुहर्रम पर मंगलवार रात अंजुमन हैदरी हल्लौर के तत्वावधान में खूनीपुर स्थित मरहूम इकबाल हुसैन रिज़वी के घर से जंजीरी मातमी जुलूस निकला। यह जुलूस करीब 48 सालों से हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले निकाला जा रहा है। इससे पहले महिलाओं ने मजलिस व मातम किया।
मातमी जुलूस देखने के लिए लोग सड़कों, गलियों और छतों पर जमे रहे। जंजीरी और कमां का मातम देखकर लोगों की आखें नम हो गईं। हर तरफ ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं गूंज रही थीं। मातमी जुलूस खूनीपुर चौराहे से अंजुमन इस्लामिया पहुंचा तो वहां हल्लौर से आए नफीस हल्लौरी ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला और कर्बला की दास्तां बयां की। जुलूस में हल्लौर से आए नौहाखां नफीस सैयद, कमियाब बब्लू, मोहम्मद हैदर शब्लू, कायनात हल्लौरी, खुशनूद व अनीस तथा अब्बास हैदर ब्रदर ने अपने कलाम से माहौल को और गमगीन बना दिया। जुलूस में हल्लौर के ही जीशान हैदर के अलावा तमाम लोगों ने कमां और जंजीरों का मातम किया। मातमी जुलूस अंजुमन इस्लामिया से नखास चौक, रेती चौक होते हुए गीताप्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा आगा साहेबान पहुंचा। यहां हल्लौर एसोसिएशन की जानिब से मजलिस हुई।
पांचवीं मुहर्रम पर मंगलवार रात अंजुमन हैदरी हल्लौर के तत्वावधान में खूनीपुर स्थित मरहूम इकबाल हुसैन रिज़वी के घर से जंजीरी मातमी जुलूस निकला। यह जुलूस करीब 48 सालों से हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले निकाला जा रहा है। इससे पहले महिलाओं ने मजलिस व मातम किया।
मातमी जुलूस देखने के लिए लोग सड़कों, गलियों और छतों पर जमे रहे। जंजीरी और कमां का मातम देखकर लोगों की आखें नम हो गईं। हर तरफ ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं गूंज रही थीं। मातमी जुलूस खूनीपुर चौराहे से अंजुमन इस्लामिया पहुंचा तो वहां हल्लौर से आए नफीस हल्लौरी ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला और कर्बला की दास्तां बयां की। जुलूस में हल्लौर से आए नौहाखां नफीस सैयद, कमियाब बब्लू, मोहम्मद हैदर शब्लू, कायनात हल्लौरी, खुशनूद व अनीस तथा अब्बास हैदर ब्रदर ने अपने कलाम से माहौल को और गमगीन बना दिया। जुलूस में हल्लौर के ही जीशान हैदर के अलावा तमाम लोगों ने कमां और जंजीरों का मातम किया। मातमी जुलूस अंजुमन इस्लामिया से नखास चौक, रेती चौक होते हुए गीताप्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा आगा साहेबान पहुंचा। यहां हल्लौर एसोसिएशन की जानिब से मजलिस हुई।
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