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जिला जेल के 320 बंदियों ने रखा नवरात्र व्रत
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:21 AM IST
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महराजगंज। जनपद न्यायाधीश भोपाल सिंह के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सर्वजीत कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ अधीक्षक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को बताया कि जेल में कुल 944 बंदी है। बंदियों में 108 महिलाएं और 30 अल्प संख्यक शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान बंदियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह के नाश्ते में गुण, चाय, चना मिला। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बंद 320 बंदी व्रत हैं। व्रती बंदियों के लिए शाम को एक पाव दूध, दो केला, 100 ग्राम चीनी, 500 ग्राम उबला आलू दिया जाएगा। बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता देने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बंदियों को बताया कि जो बंदी अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं उनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराएगा। जिला अधीक्षक को निर्देश दिया कि नि:शुल्क अधिवक्ता के लिए बंदियों से प्रार्थना पत्र प्राप्त कर प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि जेल कर्मी भी बंदियों की समस्याओं की जानकारी समय-समय पर लेते रहें और अधीक्षक के माध्यम से प्राधिकरण को उसकी जानकारी दें। निरीक्षण के दौरान बंदियों की तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधीक्षक एके सिंह, जेलर आरके सिंह, डिप्टी जेलर पीके सिंह, कमल नयन सिंह आदि मौजूद थे।
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निरीक्षण के दौरान बंदियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह के नाश्ते में गुण, चाय, चना मिला। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बंद 320 बंदी व्रत हैं। व्रती बंदियों के लिए शाम को एक पाव दूध, दो केला, 100 ग्राम चीनी, 500 ग्राम उबला आलू दिया जाएगा। बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता देने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बंदियों को बताया कि जो बंदी अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं उनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराएगा। जिला अधीक्षक को निर्देश दिया कि नि:शुल्क अधिवक्ता के लिए बंदियों से प्रार्थना पत्र प्राप्त कर प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि जेल कर्मी भी बंदियों की समस्याओं की जानकारी समय-समय पर लेते रहें और अधीक्षक के माध्यम से प्राधिकरण को उसकी जानकारी दें। निरीक्षण के दौरान बंदियों की तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधीक्षक एके सिंह, जेलर आरके सिंह, डिप्टी जेलर पीके सिंह, कमल नयन सिंह आदि मौजूद थे।
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