{"_id":"59aadf564f1c1b5c738b4d4b","slug":"91504370518-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमाज के बाद गले लगे फिर शुरू हुई कुर्बानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमाज के बाद गले लगे फिर शुरू हुई कुर्बानी
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
शनिवार को बकरीद सादगी और परंपरागत अंदाज में मनाई गई। सुबह नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर शाम तक चलता रहा। कुर्बानी का यह सिलसिला रविवार और सोमवार की शाम तक चलेगा।
शनिवार सुबह 6:10 बजे बकरीद की नमाज शुरू हुई और आखिरी नमाज सौदागर मोहल्ला की जामा मस्जिद में अदा की गई। इस दौरान ईदगाहों और मस्जिदों में मुल्क की तरक्की और अमन के लिए दुआ की गई। बाढ़ पीड़ितों व मेडिकल कॉलेज में मृत बच्चों के लिए भी दुआ हुई। शनिवार को हर शख्स जानवर को जिब्ह करने वाले की तलाश में जूझता रहा। इस बार भी 500 रुपये तक मेहनताना लिया गया।
ईदगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल में मौलाना फैजुल्लाह कादरी ने कहा कि बकरीद त्याग व बलिदान का त्योहार है। मस्जिद गौसिया छोटे काजीपुर में तकरीर करते हुए मौलाना मोहम्मद अहमद ने कहा कि इस्लाम में कुर्बानी की बड़ी महत्ता है।
विज्ञापन
सेंवई की खुशबू भी बिखरी
यूं तो बकरीद गोश्त के लिए जानी जाती है, मगर चूंकि इसके साथ भी लफ्जे ईद जुड़ा हुआ है, लिहाजा सेंवइयों की खुशबू से भी घर महका। लजीज कबाब के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों ने सेंवई के जायके का भी लुत्फ उठाया।
कई इलाकों में रहा रूट डायवर्ट
बकरीद पर नमाज के लिए जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई सड़कों पर रूट डायवर्ट किया गया था। वहीं ईदगाहों पर सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात रही। ईदगाहों पर मेला भी लगा। बच्चों ने इसका खूब आनंद लिया।
शनिवार को बकरीद सादगी और परंपरागत अंदाज में मनाई गई। सुबह नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर शाम तक चलता रहा। कुर्बानी का यह सिलसिला रविवार और सोमवार की शाम तक चलेगा।
शनिवार सुबह 6:10 बजे बकरीद की नमाज शुरू हुई और आखिरी नमाज सौदागर मोहल्ला की जामा मस्जिद में अदा की गई। इस दौरान ईदगाहों और मस्जिदों में मुल्क की तरक्की और अमन के लिए दुआ की गई। बाढ़ पीड़ितों व मेडिकल कॉलेज में मृत बच्चों के लिए भी दुआ हुई। शनिवार को हर शख्स जानवर को जिब्ह करने वाले की तलाश में जूझता रहा। इस बार भी 500 रुपये तक मेहनताना लिया गया।
विज्ञापन
ईदगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल में मौलाना फैजुल्लाह कादरी ने कहा कि बकरीद त्याग व बलिदान का त्योहार है। मस्जिद गौसिया छोटे काजीपुर में तकरीर करते हुए मौलाना मोहम्मद अहमद ने कहा कि इस्लाम में कुर्बानी की बड़ी महत्ता है।
विज्ञापन
सेंवई की खुशबू भी बिखरी
यूं तो बकरीद गोश्त के लिए जानी जाती है, मगर चूंकि इसके साथ भी लफ्जे ईद जुड़ा हुआ है, लिहाजा सेंवइयों की खुशबू से भी घर महका। लजीज कबाब के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों ने सेंवई के जायके का भी लुत्फ उठाया।
कई इलाकों में रहा रूट डायवर्ट
बकरीद पर नमाज के लिए जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई सड़कों पर रूट डायवर्ट किया गया था। वहीं ईदगाहों पर सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात रही। ईदगाहों पर मेला भी लगा। बच्चों ने इसका खूब आनंद लिया।