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प्रो. राजेश्वर आचार्य को मिला पद्मश्री
Sun, 17 Mar 2019 12:09 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:09 AM IST
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सम्मान
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में गोरखपुर विश्वविद्यालय में ललित कला व संगीत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश्वर आचार्य को पद्मश्री सम्मान दिया। इस पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने खुशी जताई और कहा कि यह गौरव का क्षण है।
डॉ. राजेश्वर आचार्य का जन्म वाराणसी में हुआ। बीएचयू से संगीत की शिक्षा ली, फिर पंडित बलवंत भट्ट के संपर्क में आए। उन्हें गुरु मानकर संगीत की दीक्षा ली। इसी बीच गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में गायन विधा के प्रवक्ता नियुक्त हो गए। गोरखपुर विश्वविद्यालय में ललित कला व संगीत की विभागाध्यक्ष ने प्रो. ऊषा सिंह ने बताया कि वह लंबे समय तक विभागाध्यक्ष रहे। साथ ही शहर में संगीत की सेवा की। गायन के साथ वाद्ययंत्र बजाने में उन्हें महारत हासिल है। वह 2003 में सेवानिवृत्त हुए, फिर वाराणसी में रहने लगे। अब पद्मश्री सम्मान मिला है। गोरखपुर आएं तो भव्य तरीके से स्वागत किया जाएगा।
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डॉ. राजेश्वर आचार्य का जन्म वाराणसी में हुआ। बीएचयू से संगीत की शिक्षा ली, फिर पंडित बलवंत भट्ट के संपर्क में आए। उन्हें गुरु मानकर संगीत की दीक्षा ली। इसी बीच गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में गायन विधा के प्रवक्ता नियुक्त हो गए। गोरखपुर विश्वविद्यालय में ललित कला व संगीत की विभागाध्यक्ष ने प्रो. ऊषा सिंह ने बताया कि वह लंबे समय तक विभागाध्यक्ष रहे। साथ ही शहर में संगीत की सेवा की। गायन के साथ वाद्ययंत्र बजाने में उन्हें महारत हासिल है। वह 2003 में सेवानिवृत्त हुए, फिर वाराणसी में रहने लगे। अब पद्मश्री सम्मान मिला है। गोरखपुर आएं तो भव्य तरीके से स्वागत किया जाएगा।
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