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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   गोरखनाथ मंदिर में लगा आस्था का कुंभ

मकरसंक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब

Wed, 16 Jan 2019 01:50 AM IST
ajay Kumar Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India Published by: ajay Kumar Updated Wed, 16 Jan 2019 01:50 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर में लगा आस्था का कुंभ
खिचड़ी मेला में स्टॉल पर प्रसाद लेते लोग। - फोटो : amar ujala
गोरखपुर। अद्भुत नजारा! चारो तरफ सिर्फ शीश ही शीश। जयकारों से गुंजायमान माहौल के साथ श्रद्धा का सैलाब...मकरसंक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर का दृश्य शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता। महायोगी गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर आशीर्वाद पाने के संकल्प के आगे भीड़ की बाधा कुछ भी नहीं थी।
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सबसे पहले ब्रह्ममुहूर्त में करीब तीन बजे परंपरागत पूजा के बाद महायोगी को पहली खिचड़ी गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने चढ़ाई। मुख्य पुजारी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास, मिथलेस दास, महंत शांतिनाथ, महंत पंचानन पुरी और कपिलवस्तु के विधायक श्यामधनी भी गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ थे। इसके बाद चार बजे मंदिर का कपाट भक्तों के लिए खोल दिया गया। गोरखनाथ ओवरब्रिज तक कतार में खड़े नेपाल और देशभर से आए भक्तोें ने देरशाम तक खिचड़ी चढ़ाई।
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10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा

मंगलवार की देरशाम तक गोरखनाथ मंदिर में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया है। गोरक्षपीठाधीश्वर के मुताबिक ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने लगे। व्यवस्था में लगे एमपी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव की मानें तो 10 साल बाद श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी है। खुशगवार मौसम ने भी भक्तों के उत्साह को बनाए रखा।
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सामाजिक समरसता का नजारा

मंदिर परिसर में सहभोज सामाजिक समरसता का खास नजारा बना। एक साथ हजारों लोग पंक्ति में बैठे। हर श्रद्धालु ने प्रसाद ग्रहण किया। गोरक्षपीठाधीश्वर सभी प्रसाद लेने का आग्रह करते दिखे। गोरक्षपीठ जनजागरूकता के लिए प्रतिष्ठित रहा है। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी ने छुुआछूत विरोधी जो अभियान शुरू किया उसे योगी बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

हिंदू युवा वाहिनी की सेवा खास

प्रशासन के अलावा अनेक स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ता मेले में अपना योगदान कर रहे थे। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता सहायता केंद्र के माध्यम से भूले बिसरे लोगों को मिलवा रहे थे। इसके लिए रात में ही ड्यूटी लगा दी गई। माइक से लगातार एनाउंस कर सहायता केंद्र के पास बिछड़ों को बुलाया जा रहा था।

स्टालों पर खिचड़ी का प्रसाद

मंदिर के बाहर कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी श्रद्धालुओं के लिए भोजन का इंतजाम किया। उन्होंने दर्शनार्थियों के लिए चाय-पानी की निशुल्क व्यवस्था की थी। कई स्थानों पर खिचड़ी बनाकर प्रसाद के रूप में बांटी गई।

स्वास्थ्य शिविर

मंदिर में आए श्रद्धालुओं की सेहत का पूरा ख्याल रखा गया। जरूरत पर तुरंत चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था की गई। जिला अस्पताल और गोरखनाथ चिकित्सालय एवं आयुर्वेद चिकित्सालय के डॉक्टरों ने जरूरतमंद श्रद्धालुओं का परीक्षण किया और निशुल्क दवाइयां दीं।

मेले में खूब हुई खरीदारी

गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने दूर-दूर से आए लोग मेले का आनंद लेना नहीं भूले। खान-पान का लुत्फ उठाया। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानों पर भारी भीड़ दिखी। क्राकरी सहित अन्य सामान की खरीदारी भी हुई। मौत का कुआं आकर्षण के केंद्र में रहा।

मंदिर के बाहर मेले जैसा नजारा

गोरखनाथ चिकित्सालय और गोरखनाथ ओवरब्रिज की सड़क पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी। गोरखनाथ मंदिर परिसर के बाहर भी लगी खिलौने और खानपान की दुकानों से मेले जैसा नजारा दिख रहा था।
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