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मोहरों के खेल की बताईं तकनीकियां
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 04 Dec 2017 08:31 PM IST
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शतरंज
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गोरखपुर जिला शतरंज संघ से संबद्ध ब्रेन चेस एकेडमी में चल रहे दो दिवसीय ‘एक्सिलेंस इन चेस ट्रेनिंग प्रोग्राम’ का सोमवार को विजय चौक स्थित एसएस एकेडमी में समापन हुआ। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच मिथिलेश श्रीवास्तव ने खिलाड़ियों से मोहरों के इस खेल की तकनीकियां साझा की।
चार घंटे के ट्रेनिंग कैंप में मिथिलेश ने बच्चों को शतरंज की ओपनिंग, मिडिल और अंत पर विस्तार से जानकारी दी। कहा कि शतरंज एकाग्रता, सोचने की क्षमता, सही प्लानिंग करने की शक्ति का विकास करता है। खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रतिदिन एक घंटे व्यायाम और खानपान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शतरंज के मिडिल गेम में चाल चलने के तरीके को कैलकुलेशन ट्री और मॉडल गेम का प्रदर्शन कर समझाया। आखिर में शतरंज के आखिरी पड़ाव की जानकारी दी। कैंप में 25 खिलाड़ी शामिल हुए, सभी को सर्टिफिकेट दिया गया। ट्रेनिंग कैंप के समापन पर कैंप के संरक्षक कनक हरि अग्रवाल, आयोजक नितेश श्रीवास्तव, शतरंज संघ के महासचिव पीबी सिंह, निदेशक नितेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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चार घंटे के ट्रेनिंग कैंप में मिथिलेश ने बच्चों को शतरंज की ओपनिंग, मिडिल और अंत पर विस्तार से जानकारी दी। कहा कि शतरंज एकाग्रता, सोचने की क्षमता, सही प्लानिंग करने की शक्ति का विकास करता है। खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रतिदिन एक घंटे व्यायाम और खानपान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शतरंज के मिडिल गेम में चाल चलने के तरीके को कैलकुलेशन ट्री और मॉडल गेम का प्रदर्शन कर समझाया। आखिर में शतरंज के आखिरी पड़ाव की जानकारी दी। कैंप में 25 खिलाड़ी शामिल हुए, सभी को सर्टिफिकेट दिया गया। ट्रेनिंग कैंप के समापन पर कैंप के संरक्षक कनक हरि अग्रवाल, आयोजक नितेश श्रीवास्तव, शतरंज संघ के महासचिव पीबी सिंह, निदेशक नितेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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