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नहीं मिला एडमिशन तो डीन से भिड़ा एबीवीपी का छात्र
Updated Fri, 14 Jul 2017 07:41 PM IST
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यूनिवर्सिटी में काउंसिलिंग कराते अभ्यर्थी।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
यूनिवर्सिटी के विधि प्रथम वर्ष में एडमिशन न मिलने से नाराज एबीवीपी के छात्र ने हंगामा कर दिया। समर्थकों के साथ नारेबाजी की और काउंसिलिंग प्रक्रिया में करीब एक घंटे तक बाधा पहुंचाई।
प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर विधि विभाग के डीन ने छात्र को समझाने का प्रयास किया, मगर वह एडमिशन को लेकर अड़ गया। छात्र का कहना था कि प्रवेश के लिए अर्ह होने के बाद भी उसे दाखिला नहीं दिया जा रहा है। वहीं जिम्मेदार नियम के मुताबिक उसे अयोग्य ठहरा रहे थे। मामला बढ़ने पर इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर के साथ पुलिस को दी गई। आनन-फानन में दोनों ही विधि विभाग पहुंचे और समझा-बुझाकर प्रदर्शन को खत्म कराया। तब कहीं जाकर काउंसिलिंग एक बार फिर शुरू हुई।
आवेदन में गलत वेटेज का किया दावा
नियम के मुताबिक गोरखपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को विधि प्रवेश में 22.5 अंक का वेटेज दिया जाता है। वहीं डिग्री कॉलेज से पढ़ाई करने वालों को नौ अंक दिए जाते हैं। बताया जा रहा है की छात्र ने डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद भी आवेदन में यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने का दावा किया। काउंसिलिंग में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान एबीवीपी छात्र की चालाकी पकड़ में आई। डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन करने की वजह से डीन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।
यूनिवर्सिटी के विधि प्रथम वर्ष में एडमिशन न मिलने से नाराज एबीवीपी के छात्र ने हंगामा कर दिया। समर्थकों के साथ नारेबाजी की और काउंसिलिंग प्रक्रिया में करीब एक घंटे तक बाधा पहुंचाई।
प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर विधि विभाग के डीन ने छात्र को समझाने का प्रयास किया, मगर वह एडमिशन को लेकर अड़ गया। छात्र का कहना था कि प्रवेश के लिए अर्ह होने के बाद भी उसे दाखिला नहीं दिया जा रहा है। वहीं जिम्मेदार नियम के मुताबिक उसे अयोग्य ठहरा रहे थे। मामला बढ़ने पर इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर के साथ पुलिस को दी गई। आनन-फानन में दोनों ही विधि विभाग पहुंचे और समझा-बुझाकर प्रदर्शन को खत्म कराया। तब कहीं जाकर काउंसिलिंग एक बार फिर शुरू हुई।
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आवेदन में गलत वेटेज का किया दावा
नियम के मुताबिक गोरखपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को विधि प्रवेश में 22.5 अंक का वेटेज दिया जाता है। वहीं डिग्री कॉलेज से पढ़ाई करने वालों को नौ अंक दिए जाते हैं। बताया जा रहा है की छात्र ने डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद भी आवेदन में यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने का दावा किया। काउंसिलिंग में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान एबीवीपी छात्र की चालाकी पकड़ में आई। डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन करने की वजह से डीन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।
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