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रसोई गैस की किल्लत में ही बीतेगी होली
Sun, 17 Mar 2019 12:03 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:03 AM IST
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गोरखपुर। शहर में रसोई गैस की किल्लत फिलहाल खत्म होने के आसार नहीं हैं। ऐसे में हजारों उपभोक्ताओं को गैस की मारामारी के बीच ही होली गुजारनी पड़ेगी। इसके साथ ही पहले से ही परेशान उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों की मनमानी और परेशान कर रही है। उन्हें पता भी नहीं चल रहा और उनके गैस की बुकिंग ही निरस्त कर दी जा रही है। कुछ को एसएमएस के जरिये इसकी जानकारी मिल रही है लेकिन ज्यादातर को इसकी जानकारी तब हो रही है जब वे गैस लेने एजेंसी पहुंच रहे हैं। गैस एजेंसियां ऐसा बैकलॉग को कम दिखाने के लिए कर रहीं हैं।
रसोई गैस के लंबे बैकलॉग की वजह से हजारों उपभोक्ताओं के दो से चार सिलेंडरों की सब्सिडी भी लैप्स होने की आशंका है। सब्सिडी के 12 सिलेंडरों का कोटा एक अप्रैल से 31 मार्च तक का होता है। ऐसे में मार्च की बुकिंग अगर अप्रैल में मिलेगी तो जो सब्सिडी इस साल मिलनी चाहिए थी वह अगले सत्र में से एक कम हो जाएगी।
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एचपी 194740
भारत 135223
प्लांट से ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। सात से 10 दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बुकिंग निरस्त करने का किसी को अधिकार नहीं है। अगर कहीं मामला पकड़ में आता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता भी जितनी जरूरत हो उतने ही सिलेंडर लें। यह दिक्कत थोड़े समय की ही है। - आनंद सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी
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रसोई गैस के लंबे बैकलॉग की वजह से हजारों उपभोक्ताओं के दो से चार सिलेंडरों की सब्सिडी भी लैप्स होने की आशंका है। सब्सिडी के 12 सिलेंडरों का कोटा एक अप्रैल से 31 मार्च तक का होता है। ऐसे में मार्च की बुकिंग अगर अप्रैल में मिलेगी तो जो सब्सिडी इस साल मिलनी चाहिए थी वह अगले सत्र में से एक कम हो जाएगी।
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लखनऊ के प्लांट में अभी सिलेंडर नहीं
गोरखपुर एवं आसपास के जिलों में लखनऊ के प्लांट से ही सिलेंडर आते हैं। कुंभ के दौरान इलाहाबाद का प्लांट बंद रहा। ऐसे में इलाहाबाद और उसके आसपास के इलाकों में भी लखनऊ के प्लांट से ही सिलेंडर भेजे जाते रहे। कुंभ समाप्त हुए 10 दिन से अधिक हो गया। इलाहाबाद प्लांट भी शुरू हो गया मगर लखनऊ प्लांट से आपूर्ति की स्थिति नहीं सुधर पा रही। जितनी आपूर्ति जिले को चाहिए उसका आधा ही मिल रहा। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को भी सुबह छह बजे से ही प्लांट में गोरखपुर एजेंसियों की गाड़ी खड़ी रही मगर शाम सात बजे तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिले।
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आईओसी के उपभोक्ता सबसे ज्यादा परेशान
प्लांट से पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने से उपभोक्ता ही नहीं एजेंसी मालिकों-कर्मचारियों की भी मुश्किलें बढ़ गईं हैं। रोजाना किसी न किसी एजेंसी पर कहासुनी और मारपीट की घटना हो जा रही। नाम न छापने की शर्त पर कई एजेंसी मालिकों ने कहा कि प्लांट से उन्हें पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही तो मांग कहां से पूरी करें। उपभोक्ता इसे समझने को तैयार नहीं और उन्हें ही जिम्मेदार मानकर झगड़ा-मारपीट कर रहे हैं। रसोई गैस की सर्वाधिक किल्लत आईओसी की एजेेंसियों पर हैं। स्थिति नहीं सुधरने पर लोग पास-पड़ोस के लोगों से मदद ले रहे जिससे एचपी और भारत का भी बैकलॉग बढ़ने लगा है।ऑयल कंपनी उपभोक्ताओं की संख्या
आईओसी 276729एचपी 194740
भारत 135223
प्लांट से ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। सात से 10 दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बुकिंग निरस्त करने का किसी को अधिकार नहीं है। अगर कहीं मामला पकड़ में आता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता भी जितनी जरूरत हो उतने ही सिलेंडर लें। यह दिक्कत थोड़े समय की ही है। - आनंद सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी