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जन उपयोगी शोध करें युवा : प्रो रामामूर्ति
Mon, 25 Feb 2019 01:20 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:20 AM IST
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गोरखपुर। आंध्र प्रदेश के केएल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम रामामूर्ति ने कहा कि युवा जन उपयोगी शोध करें और उसे पेटेंट कराने पर काम करें। आज हमें गुणवत्तायुक्त शोध करने की आवश्यकता है।
प्रो. रामामूर्ति रविवार को एमएमएमयूटी में तीन दिवसीय मालवीय रिसर्च कॉन्क्लेव : 2019 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शोध और तकनीक को प्रोडक्ट में बदलने की नितांत आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. केके शुक्ला ने कहा कि आज ऐसा अनुसंधान होना चाहिए जो समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं का समाधान कर सके। पुलवामा में आतंकी हमले का जिक्र कर शोध विद्यार्थियों से कहा कि हमें ऐसे वाहन बनाने पर काम करना चाहिए, जो फायर और ब्लास्ट प्रूफ हो। साथ ही उन्होंने जरूरत के हिसाब से शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि नाथ डकोटा अमेरिका के डॉ. बीएन सिंह ने किसी भी टेंपरेचर पर कार्य करने वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर दिया। कहा कि आज हमें ऐसी टेक्नोलॉजी की खोज करने की जरूरत है, जिसका प्रयोग करके प्रोडक्ट बनाए जा सके। आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. सर्वेश चंद्र ने टीचिंग लर्निंग मेथड पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने टीचिंग लर्निंग मेथड को और प्रभावशाली बनाने पर बल दिया। आईआईटी कानपुर के ही प्रोफेसर जी नीलकंठ ने छात्रों को प्रभावशाली थिसिस और लेखन का तरीका बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने किया। देर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
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प्रो. रामामूर्ति रविवार को एमएमएमयूटी में तीन दिवसीय मालवीय रिसर्च कॉन्क्लेव : 2019 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शोध और तकनीक को प्रोडक्ट में बदलने की नितांत आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. केके शुक्ला ने कहा कि आज ऐसा अनुसंधान होना चाहिए जो समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं का समाधान कर सके। पुलवामा में आतंकी हमले का जिक्र कर शोध विद्यार्थियों से कहा कि हमें ऐसे वाहन बनाने पर काम करना चाहिए, जो फायर और ब्लास्ट प्रूफ हो। साथ ही उन्होंने जरूरत के हिसाब से शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि नाथ डकोटा अमेरिका के डॉ. बीएन सिंह ने किसी भी टेंपरेचर पर कार्य करने वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर दिया। कहा कि आज हमें ऐसी टेक्नोलॉजी की खोज करने की जरूरत है, जिसका प्रयोग करके प्रोडक्ट बनाए जा सके। आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. सर्वेश चंद्र ने टीचिंग लर्निंग मेथड पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने टीचिंग लर्निंग मेथड को और प्रभावशाली बनाने पर बल दिया। आईआईटी कानपुर के ही प्रोफेसर जी नीलकंठ ने छात्रों को प्रभावशाली थिसिस और लेखन का तरीका बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने किया। देर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
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एनआईटी जमशेदपुर से एमएमएमयूटी का करार
गोरखपुर। एनआईटी जमशेदपुर और एमएमएमयूटी गोरखपुर के बीच एक समझौता हुआ। एनआईटी जमशेदपुर के निर्देश प्रो केके शुक्ला और एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अनुबंध से एक दूसरे संस्थानों के विद्यार्थी एवं शिक्षकों संयुक्त रूप से शोध पर कार्य कर सकेंगे।
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