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टेराकोटा कला से गोरखपुर को मिली वैश्विक पहचान: धर्मपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:41 AM IST
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टेराकोटा शिल्पियों ने राष्ट्रपति से वीडियो कांन्फ्रेंसिंग से बात की।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट समिट में गोरखपुर के टेराकोटाशिल्पकारों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने अपने हस्तशिल्प का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का गवाह जीडीए सभागार भी बना, जहां गोरखपुर एवं आसपास के टेराकोटा शिल्पकारों ने सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत स्वीकृत प्रमाणपत्र भी बांटे।
इस दौरान धर्मपाल सिंह ने कहा कि टेराकोटा से गोरखपुर का विश्व में नाम हो रहा है। इस कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना में गोरखपुर से टेराकोटा को इसीलिए चुना गया है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि टेराकोटा कला से जुड़े हस्तशिल्पियों की समस्याओं का निदान कराया जा रहा है।
उपायुक्त उद्योग पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि टेराकोटा कला को बढ़ावा देने और शिल्पकारों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिया गया है। 30 हस्तशिल्पियों को लखनऊ में राष्ट्रपति के हाथों, सात हस्तशिल्पियों को जीडीए सभागार में गोरखपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा और 60 अन्य को औरंगाबाद में लोन के लिए प्रमाण पत्र दिए गए। जिले के इन 67 शिल्पकारों के लिए 4.12 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत किया गया है। कार्यक्रम में विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह ने भी अपने विचार रखे।
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कला को निखारने में मिलेगी मदद
टेराकोटा और हस्तशिल्प ही जीवन यापन का साधन है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिले लोन से इस क्षेत्र में और बेहतर करने की कोशिश करूंगा। निश्चित तौर पर इससे काफी मदद मिलेगी।
- अरविंद कुमार प्रजापति, जाफ रा बाजार
टेराकोटा को मिल रही वैश्विक पहचान
पहले हमको अपनी कला के बारे में लोगों को बताना पड़ता था। अब लोग खुद ही हमारे उत्पादों की प्रशंसा करने लगे हैं। धीरे-धीरे इस कला को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
- हरीश चंद्र गौतम, भरवलिया
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इस दौरान धर्मपाल सिंह ने कहा कि टेराकोटा से गोरखपुर का विश्व में नाम हो रहा है। इस कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना में गोरखपुर से टेराकोटा को इसीलिए चुना गया है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि टेराकोटा कला से जुड़े हस्तशिल्पियों की समस्याओं का निदान कराया जा रहा है।
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उपायुक्त उद्योग पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि टेराकोटा कला को बढ़ावा देने और शिल्पकारों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिया गया है। 30 हस्तशिल्पियों को लखनऊ में राष्ट्रपति के हाथों, सात हस्तशिल्पियों को जीडीए सभागार में गोरखपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा और 60 अन्य को औरंगाबाद में लोन के लिए प्रमाण पत्र दिए गए। जिले के इन 67 शिल्पकारों के लिए 4.12 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत किया गया है। कार्यक्रम में विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह ने भी अपने विचार रखे।
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हस्तशिल्पी बोले
कला को निखारने में मिलेगी मदद
टेराकोटा और हस्तशिल्प ही जीवन यापन का साधन है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिले लोन से इस क्षेत्र में और बेहतर करने की कोशिश करूंगा। निश्चित तौर पर इससे काफी मदद मिलेगी।
- अरविंद कुमार प्रजापति, जाफ रा बाजार
टेराकोटा को मिल रही वैश्विक पहचान
पहले हमको अपनी कला के बारे में लोगों को बताना पड़ता था। अब लोग खुद ही हमारे उत्पादों की प्रशंसा करने लगे हैं। धीरे-धीरे इस कला को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
- हरीश चंद्र गौतम, भरवलिया