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बिहार तक आकर कमजोर पड़ा मानसून
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:44 AM IST
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पांच दिन और बारिश की संभावना नहीं
बिहार तक आकर कमजोर पड़ा मानसून
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून बिहार तक आते-आते कमजोर पड़ गया। ऐसे में चार-पांच दिन तक बारिश की संभावना नहीं है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ऊपरी वायुमंडल में चल रही हवा कारगर नहीं हो रही है।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में जमीन से 35 हजार फीट की ऊंचाई पर पुरवा हवा चल रही है। जबकि बारिश के लिए जरूरी है कि सतह पर पुरवा हवा चले और ऊंचाई पर पछुआ। ऐसे में यहां बारिश के लिए माकूल स्थितियां नहीं बन पा रही हैं। इस वजह से बारिश नहीं हो रही है। वहीं चक्रवाती हवाओं का जो सिस्टम बना था, वह राजस्थान, पंजाब, टीकमगढ़ होते हुए उड़ीसा की ओर निकल गया। ऐसे में गोरखपुर के आसपास बारिश नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर 13 जुलाई को फिर से कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगर यह मजबूत बनकर आगे बढ़ता है तो 15 जुलाई तक इसके यहां पहुंचने की संभावना है। फिलहाल बुधवार को ही इसकी मजबूती पता चल सकेगी। ऐसे में तब तक उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ सकता है।
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बिहार तक आकर कमजोर पड़ा मानसून
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून बिहार तक आते-आते कमजोर पड़ गया। ऐसे में चार-पांच दिन तक बारिश की संभावना नहीं है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ऊपरी वायुमंडल में चल रही हवा कारगर नहीं हो रही है।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में जमीन से 35 हजार फीट की ऊंचाई पर पुरवा हवा चल रही है। जबकि बारिश के लिए जरूरी है कि सतह पर पुरवा हवा चले और ऊंचाई पर पछुआ। ऐसे में यहां बारिश के लिए माकूल स्थितियां नहीं बन पा रही हैं। इस वजह से बारिश नहीं हो रही है। वहीं चक्रवाती हवाओं का जो सिस्टम बना था, वह राजस्थान, पंजाब, टीकमगढ़ होते हुए उड़ीसा की ओर निकल गया। ऐसे में गोरखपुर के आसपास बारिश नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर 13 जुलाई को फिर से कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगर यह मजबूत बनकर आगे बढ़ता है तो 15 जुलाई तक इसके यहां पहुंचने की संभावना है। फिलहाल बुधवार को ही इसकी मजबूती पता चल सकेगी। ऐसे में तब तक उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ सकता है।
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