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कफन, लकड़ी नहीं मिला तो जमीन में दबा दिया मां का शव
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:17 AM IST
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- फोटो : demo
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डोहरिया (गोरखपुर)। मुफलिसी की वजह से शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक के जिंदापुर गांव में एक महिला का विधि-विधान से अंतिम संस्कार नहीं हो सका। तीन मासूम घंटों रोते-बिलखते रहे, मदद की आस में दूसरों की ओर देखते रहे लेकिन कोई आगे नहीं आया। अंतिम संस्कार के लिए कफन, लकड़ी तक का इंतजाम नहीं हो सका। बाद में निराश मासूमों ने आसपास के लोगों की सहायता से मां के शव को रोहिन नदी के किनारे जमीन में दबा दिया। अब बच्चों की परविश कैसे होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इतनी चर्चा जरूर थी कि जिंदापुर गांव में किसी ने जिंदादिली क्यों नहीं दिखाई।
जिंदापुर की राजकुमारी देवी (37) के पति की मौत सात महीने पहले हुई थी। उसके बाद राजकुमारी मजदूरी करके बेटी सुषमा (10) , कुसुम (8) और बेटे हरिकेश (5) को पालने लगीं। मजदूरी के बाद भी राजकुमारी मुश्किल से दो जून की रोटी जुटा पाती थी। कई दिन ऐसे होते थे, जब बच्चों के साथ राजकुमारी को भूखा सोना पड़ता था। शनिवार को राजकुमारी की अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। तीनों मासूम मां के शव के पास बैठकर घंटों रोते-बिलखते रहे। गांव के लोग खड़े होकर सब देखते रहे लेकिन कफन, लकड़ी का इंतजाम करने की मदद को कोई आगे नहीं आया।
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महिला प्रधान ने भी नहीं ली सुध
जिंदापुर की ग्राम प्रधान भी महिला हैं। उनका सारा काम पति वीरेंद्र पासवान देखते हैं। इन दोनों को घटना की जानकारी थी, फिर भी वह मदद को आगे नहीं आए। अब ग्राम प्रधान और उनके पति की चारों तरफ से निंदा की जा रही है।
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