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खेल-खेल में समझाई मधुमेह की भयावहता
Updated Wed, 15 Nov 2017 08:23 PM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन बुधवार को हुआ। अंतिम दिन 56 महिलाओं समेत 144 मरीजों और उनके परिजनों की जांच के बाद उन्हें मधुमेह से बचाव के लिए जरूरी परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि तीन दिन तक चले कैंप में कुल 1184 मरीज व उनके परिजनों की जांच हुई। इसमें 539 मधुमेह रोगी थे। बुधवार को ओपीडी नंबर 20 में मधुमेह शिक्षा व क्विज के दौरान मधुमेह रोगी महिलाओं और बच्चों को खेल-खेल में न सिर्फ मधुमेह से जुड़ी जानकारियां दी गईं बल्कि उन्हें हैंडबैग, पेन, पैड, टीशर्ट और मधुमेह केयर किट जीतने का मौका भी मिला।
डॉ. राजकिशोर सिंह ने मरीजों को मधुमेह के संबंध में जागरूक किया। कहा कि महिलाएं परिवार व समाज की धुरी हैं। महिलाओं के संस्कार, पोषण ज्ञान व जीवनशैली ज्ञान पर परिवार व समाज का पोषण व जीवनशैली निर्भर है। शोध अध्ययन के अनुसार महिलाओं को जागरूक कर टाइप टू मधुमेह रोगियों व युवा अवस्था में होने वाली मौतों मे 70 फीसदी की कमी की जा सकती है। इसीलिए इस बार डब्ल्यूएचओ ने इस साल विश्व मधुमेह दिवस की थीम महिला स्वास्थ्य एवं मधुमेह तय की है। डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इंडोक्राइन ओपीडी नंबर 20 में प्रत्येक बुधवार को मधुमेह, थायराइड व अन्य इंडोक्राइन बीमारियों की विशेष चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।
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डॉ. राजकिशोर सिंह ने मरीजों को मधुमेह के संबंध में जागरूक किया। कहा कि महिलाएं परिवार व समाज की धुरी हैं। महिलाओं के संस्कार, पोषण ज्ञान व जीवनशैली ज्ञान पर परिवार व समाज का पोषण व जीवनशैली निर्भर है। शोध अध्ययन के अनुसार महिलाओं को जागरूक कर टाइप टू मधुमेह रोगियों व युवा अवस्था में होने वाली मौतों मे 70 फीसदी की कमी की जा सकती है। इसीलिए इस बार डब्ल्यूएचओ ने इस साल विश्व मधुमेह दिवस की थीम महिला स्वास्थ्य एवं मधुमेह तय की है। डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इंडोक्राइन ओपीडी नंबर 20 में प्रत्येक बुधवार को मधुमेह, थायराइड व अन्य इंडोक्राइन बीमारियों की विशेष चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।
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