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अंत्योदय मिशन में चयनित होंगे जिले के 247 गांव
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:47 AM IST
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गोरखपुर।
गांवों को पूर्ण रूप से विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार अंत्योदय मिशन की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना में 247 गांवों का चयन किया जाएगा। चयनित गांव में सड़क, बिजली, पानी से लेकर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभाग रिपोर्ट बनाने में जुट गया है। अफसर रिपोर्ट को शासन को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद चयन की प्रक्रिया होगी।
अंत्योदय मिशन में गांवों के चिह्नित होने के बाद सरकार की ओर से तैयार कार्य योजना के आधार पर वहां विकास किया जाएगा। शासन से इसके लिए अलग से बजट आवंटन की बात तो नहीं कही जा रही है, लेकिन सभी मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी। लोक निर्माण विभाग की तरफ से यह तय किया जाएगा कि गांव में सड़क है कि नहीं, यदि सड़क पहले की बनी है और खराब है तो उसे ठीक कराया जाएगा। इसी तरह संबंधित विभाग की तरफ से गांव में गरीब व्यक्ति के पास आवास नहीं होने पर प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा। किसी के घर में शौचालय नहीं है तो शौचालय निर्माण कराया जाएगा। किसी के पास राशन कार्ड नहीं होने पर उपलब्ध कराया जाएगा। इतना ही नहीं रोजगार करने वालों के लिए बैंक से लोन भी दिलाया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में जाकर नियमित टीकाकरण करेगी। मनरेगा के तहत रोजगार, बिजली, पानी की व्यवस्था की जाएगी।
कोट
अंत्योदय मिशन के तहत गांवों का चयन कर कार्य योजना संबंधित विभागों के कर्मचारी बना कर देंगे। इसमें उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जो ओडीएफ होंगे। जो अपराध मुक्त होंगे। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते होंगे।
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- बब्बन उपाध्याय, डीडीओ
गांवों को पूर्ण रूप से विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार अंत्योदय मिशन की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना में 247 गांवों का चयन किया जाएगा। चयनित गांव में सड़क, बिजली, पानी से लेकर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभाग रिपोर्ट बनाने में जुट गया है। अफसर रिपोर्ट को शासन को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद चयन की प्रक्रिया होगी।
अंत्योदय मिशन में गांवों के चिह्नित होने के बाद सरकार की ओर से तैयार कार्य योजना के आधार पर वहां विकास किया जाएगा। शासन से इसके लिए अलग से बजट आवंटन की बात तो नहीं कही जा रही है, लेकिन सभी मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी। लोक निर्माण विभाग की तरफ से यह तय किया जाएगा कि गांव में सड़क है कि नहीं, यदि सड़क पहले की बनी है और खराब है तो उसे ठीक कराया जाएगा। इसी तरह संबंधित विभाग की तरफ से गांव में गरीब व्यक्ति के पास आवास नहीं होने पर प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा। किसी के घर में शौचालय नहीं है तो शौचालय निर्माण कराया जाएगा। किसी के पास राशन कार्ड नहीं होने पर उपलब्ध कराया जाएगा। इतना ही नहीं रोजगार करने वालों के लिए बैंक से लोन भी दिलाया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में जाकर नियमित टीकाकरण करेगी। मनरेगा के तहत रोजगार, बिजली, पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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कोट
अंत्योदय मिशन के तहत गांवों का चयन कर कार्य योजना संबंधित विभागों के कर्मचारी बना कर देंगे। इसमें उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जो ओडीएफ होंगे। जो अपराध मुक्त होंगे। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते होंगे।
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- बब्बन उपाध्याय, डीडीओ