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बालरोग विभाग में 12 बच्चों की मौत
Updated Wed, 27 Sep 2017 08:39 PM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में 24 घंटे के दौरान 12 बच्चों की मौत हो गई। इनमें छह मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) और छह मौतें पीडियाट्रिक आईसीयू में हुईं। पीआईसीयू में मरने वालों में इंसेफेलाइटिस पीड़ित तीन बच्चे भी शामिल हैं। वहीं इस बीच इंसेफेलाइटिस के 25 नए मरीज भर्ती भी किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास से इंसेफेलाइटिस पीड़ित आठ मरीज स्वस्थ कर घर भी भेजे गए। वहीं काफी प्रयास के बाद भी बस्ती के छह वर्षीय आयुष, कुशीनगर की 12 वर्षीय आरती और देवरिया के नौ वर्षीय किशन की जान नहीं बचाई जा सकी। इनके साथ इस साल इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वालों की संख्या 270 हो गई है। वहीं इस बीच देवरिया के सात, कुशीनगर, महराजगंज और गोरखपुर के चार-चार, बस्ती के तीन, बिहार के दो, सिद्धार्थनगर के एक मरीज भर्ती किए गए हैं। इनके साथ इस साल अब तक कुल 1268 इंसेफेलाइटिस पीड़ित अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 131 का इलाज अभी चल रहा है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में 24 घंटे के दौरान 12 बच्चों की मौत हो गई। इनमें छह मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) और छह मौतें पीडियाट्रिक आईसीयू में हुईं। पीआईसीयू में मरने वालों में इंसेफेलाइटिस पीड़ित तीन बच्चे भी शामिल हैं। वहीं इस बीच इंसेफेलाइटिस के 25 नए मरीज भर्ती भी किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास से इंसेफेलाइटिस पीड़ित आठ मरीज स्वस्थ कर घर भी भेजे गए। वहीं काफी प्रयास के बाद भी बस्ती के छह वर्षीय आयुष, कुशीनगर की 12 वर्षीय आरती और देवरिया के नौ वर्षीय किशन की जान नहीं बचाई जा सकी। इनके साथ इस साल इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वालों की संख्या 270 हो गई है। वहीं इस बीच देवरिया के सात, कुशीनगर, महराजगंज और गोरखपुर के चार-चार, बस्ती के तीन, बिहार के दो, सिद्धार्थनगर के एक मरीज भर्ती किए गए हैं। इनके साथ इस साल अब तक कुल 1268 इंसेफेलाइटिस पीड़ित अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 131 का इलाज अभी चल रहा है।
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