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गायत्री देवी डिग्री कॉलेज में बीटीसी की मान्यता खत्म

Sun, 06 Aug 2017 02:28 AM IST
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:28 AM IST
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गायत्री देवी डिग्री कॉलेज में बीटीसी की मान्यता खत्म

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गोरखपुर।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने गायत्री देवी डिग्री कॉलेज की बीटीसी की मान्यता खत्म कर दी है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र 2018-19 तक इस कोर्स में एडमिशन नहीं लिया जा सकेगा।
इस संबंध में एनसीटीई बोर्ड की मीटिंग 27 जुलाई को जयपुर में हुई थी। इसमें गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध दो बीएड कॉलेजों और परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद के एक बीटीसी कॉलेज का मामला रखा गया। चर्चा के बाद कहा गया कि गायत्री देवी डिग्री कॉलेज को 24 अप्रैल 2017 को बीटीसी की मान्यता दी गई थी। इसका ब्यौरा परीक्षा नियामक प्राधिकारी को भी भेजा गया लेकिन संबद्धता नहीं मिल सकी। इस कारण बीटीसी की मान्यता वापस ली जा रही है। इसके अलावा एनसीटीई ने विद्या मंदिर शिक्षा संस्थान रहमतनगर की बीए, बीएड और बीएससी, बीएड की मान्यता का मामला फिलहाल टाल दिया है। काउंसिल ने कहा कि पहले पीएचडी और नेट क्वालीफाई टीचर रखे जाएं, फिर मान्यता देने पर विचार किया जाएगा। वहीं राघव प्रसाद मसली देवी महाविद्यालय खजनी की बीएड 2018-19 की मान्यता बहाल कर दी गई है। अब कॉलेज एडमिशन ले सकेगा। हालांकि बीएड की 50 सीटों पर ही एडमिशन लिए जा सकेंगे। पहले यहां 100 सीटें थीं।
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अब 50-50 सीटों की मान्यता
एनसीटीई ने बीटीसी और एमएड कॉलेज की मान्यता के मानक भी तय कर दिए हैं। अब 50-50 सीटों की मान्यता ही मिल सकेगी। एमएड की मान्यता से पहले कॉलेज संचालकों को दो प्रोफेसर की नियुक्ति करनी होगी, तभी मान्यता और संबद्धता मिल पाएगी। इससे पहले एमएड की 25 और बीएड की 100 सीटों की मान्यता मिलती थी।
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