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शहर के विकास में खर्च होंगे 3.11 अरब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 18 Mar 2018 08:09 PM IST
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नगर निगम बोर्ड बैठक में मौजूद लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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इस वर्ष शहर के विकास के लिए नगर निगम में तीन अरब रुपये से ज्यादा खर्च करेगा। रविवार को मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में 3.11 अरब रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई। यह बजट पिछली बार से 59 लाख रुपये ज्यादा है। वहीं तकरीबन 38 करोड़ रुपये की बचत के साथ बजट में 3.28 अरब रुपये की आय का अनुमान भी लगाया गया है।
बजट में शहर की खूबसूरती बढ़ाने में सबसे ज्यादा 1.37 अरब रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे चौराहों और पार्कों के सुंदरीकरण के अलावा कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। जलापूर्ति के अलावा स्वास्थ्य और सफाई पर भी ज्यादा खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक के बाद पूर्व मेयर राजेंद्र शर्मा, पूर्व पार्षद जय बहादुर खरे और फूला देवी को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार, उपसभापति जितेंद्र सैनी, ऋ षिमोहन वर्मा, शहाब अंसारी, संजय श्रीवास्तव, संजय यादव, बृजेश सिंह छोटू, देवेंद्र कुमार गौड़, राधेश्याम रावत, चंद्रशेखर सिंह, अशोक यादव, विश्वजीत त्रिपाठी, रीता देवी आदि मौजूद थे।
व्यय पुनरीक्षित बजट (लाख में) बजट 2018-19
अधिष्ठान 9755.00 9800.00
जलापूर्ति एवं सीवरेज 6308.00 3550.00
स्वास्थ्य एवं सफाई 2943.00 2400.00
पथ प्रकाश 1203.00 773.00
सार्वजनिक निर्माण 11514.00 13701.00
अन्य मदों में 825.55 926.00
एलईडी ने बचाए करीब 5 करोड़
नगर निगम का पथ प्रकाश विभाग जल्द ही बेमानी हो जाएगा। क्योंकि शहर के सभी स्ट्रीट लाइट प्वाइंट पर लगे सोडियम और हैलोजन लाइटों हटाकर एलईडी लगाने का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। यह काम एनर्जी एफीसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) कर रही है। यही कंपनी अगले पांच साल तक शहर के सभी एलईडी लाइटों को खराब होने पर बदलेगी और दुरुस्त करेगी। इस वजह से अब स्ट्रीट लाइट के मद में होने वाले सारे खर्च बच जाएंगे। इसी वजह से इस बार बजट में इस मद में पांच करोड़ रुपये कम कर दिए गए हैं।
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वार्डों में कोटेशन से फिर हो सकेंगे काम
चुनाव की वजह से पिछले छह माह से रुके विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए कोटेशन पर काम कराने को मंजूरी मिल गई है। धांधली को देखते हुए नगर आयुक्त ने कोटेशन से काम कराने पर रोक लगा दी थी। अब प्रत्येक वार्ड में 10-10 लाख रुपये की लागत से अति आवश्यक सड़कों की मरम्मत, क्रॉस नालियों की मरम्मत आदि काम कराए जा सकेंगे।
एकमुश्त टैक्स जमा करने पर ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट
अगर आप 31 मार्च तक बकाया टैक्स एकमुश्त जमा कर देते हैं तो नगर निगम ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट देगा। हालांकि यह छूट सरकारी भवनों पर लागू नहीं होगा। कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम विभिन्न वार्डों में कैंप लगाएगा।
जलकल में बढ़ेंगे अधिकारी
अधिकारियों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद जलकल विभाग में मात्र तीन अधिकारी रह गए हैं। पूरे शहर के पेयजल की व्यवस्था की निगरानी सिर्फ एक एई पर है। ऐसे में कार्यकारिणी ने विभाग में एक अधिशासी अभियंता, चार सहायक अभियंता और 16 अवर अभियंता का पद सृजित कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया है।
कुछ ये भी हुए हैं प्रमुख फैसले
- शहर के सभी नर्सिंग होम, मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस आदि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कांप्लेक्सों के नए सिरे से टैक्स निर्धारण और वार्षिक मूल्यांकन करने के लिए सर्वे होगा। ये भी तय हुआ कि इन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था संबंधित भवन स्वामी ही कराएंगे।
- नगर निगम के निर्माण, स्वास्थ्य विभाग के सभी वाहनों के ड्राइवरों के नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और विभाग का नाम वाहन पर ही लिखा जाएगा, ताकि दुर्घटना होने पर ड्राइवर की पहचान हो सके।
- विकास प्राधिकरण और अन्य निजी संस्थाओं ने जो भी कालोनियां विकसित की हैं, कैंप लगाकर उन्हें टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।
- मच्छरों पर नियंत्रण के लिए हर वार्ड में एक साइकिल माउंटेड मशीन जिसमें 10 लीटर डीजल, 2 लीटर पेट्रोल, 200 मिली लीटर दवा हो, से सप्ताह के पांच दिन लगातार पार्षदों की देखरेख में फॉगिंग कराई जाएगी।
- बरसात से पहले शहर के सभी छोटे-बडे़ नाली, नालियों की तलहटी तक सफाई होगी।
- सभी वार्डों में स्ट्रीट पोलों पर एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे।
- स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय के लिए लाभार्थियों के खाते में रकम भेजवाने की व्यवस्था की जाएगी।
- सभी टैक्स कलेक्टरों को विभिन्न वार्ड आवंटित करते हुए कर निर्धारण, करारोपण, नामांतरण व कर वसूली के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा।
- सभी वार्र्डों और मोहल्लों के सफाईकर्मियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति ली जाएगी।
- हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड गोरखपुर में 77,450 रुपये वार्षिक दर पर 30 वर्षों के लिए नगर निगम के ताल से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
पुनरीक्षित बजट को भी मंजूरी
नगर निगम सदन में बोर्ड की भी बैठक हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी गई। इसमें 2.75 अरब आय तथा व्यय 3.25 अरब के का अनुमान जताया गया है। साथ ही कार्यकारिणी समिति से 2018-19 के स्वीकृत मूल बजट में प्राप्तियों का अनुमान 29000 लाख तथा व्यय अनुमान 31150 लाख को भी स्वीकृति दी गई।
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बजट में शहर की खूबसूरती बढ़ाने में सबसे ज्यादा 1.37 अरब रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे चौराहों और पार्कों के सुंदरीकरण के अलावा कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। जलापूर्ति के अलावा स्वास्थ्य और सफाई पर भी ज्यादा खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक के बाद पूर्व मेयर राजेंद्र शर्मा, पूर्व पार्षद जय बहादुर खरे और फूला देवी को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार, उपसभापति जितेंद्र सैनी, ऋ षिमोहन वर्मा, शहाब अंसारी, संजय श्रीवास्तव, संजय यादव, बृजेश सिंह छोटू, देवेंद्र कुमार गौड़, राधेश्याम रावत, चंद्रशेखर सिंह, अशोक यादव, विश्वजीत त्रिपाठी, रीता देवी आदि मौजूद थे।
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व्यय पुनरीक्षित बजट (लाख में) बजट 2018-19
अधिष्ठान 9755.00 9800.00
जलापूर्ति एवं सीवरेज 6308.00 3550.00
स्वास्थ्य एवं सफाई 2943.00 2400.00
पथ प्रकाश 1203.00 773.00
सार्वजनिक निर्माण 11514.00 13701.00
अन्य मदों में 825.55 926.00
एलईडी ने बचाए करीब 5 करोड़
नगर निगम का पथ प्रकाश विभाग जल्द ही बेमानी हो जाएगा। क्योंकि शहर के सभी स्ट्रीट लाइट प्वाइंट पर लगे सोडियम और हैलोजन लाइटों हटाकर एलईडी लगाने का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। यह काम एनर्जी एफीसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) कर रही है। यही कंपनी अगले पांच साल तक शहर के सभी एलईडी लाइटों को खराब होने पर बदलेगी और दुरुस्त करेगी। इस वजह से अब स्ट्रीट लाइट के मद में होने वाले सारे खर्च बच जाएंगे। इसी वजह से इस बार बजट में इस मद में पांच करोड़ रुपये कम कर दिए गए हैं।
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वार्डों में कोटेशन से फिर हो सकेंगे काम
चुनाव की वजह से पिछले छह माह से रुके विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए कोटेशन पर काम कराने को मंजूरी मिल गई है। धांधली को देखते हुए नगर आयुक्त ने कोटेशन से काम कराने पर रोक लगा दी थी। अब प्रत्येक वार्ड में 10-10 लाख रुपये की लागत से अति आवश्यक सड़कों की मरम्मत, क्रॉस नालियों की मरम्मत आदि काम कराए जा सकेंगे।
एकमुश्त टैक्स जमा करने पर ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट
अगर आप 31 मार्च तक बकाया टैक्स एकमुश्त जमा कर देते हैं तो नगर निगम ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट देगा। हालांकि यह छूट सरकारी भवनों पर लागू नहीं होगा। कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम विभिन्न वार्डों में कैंप लगाएगा।
जलकल में बढ़ेंगे अधिकारी
अधिकारियों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद जलकल विभाग में मात्र तीन अधिकारी रह गए हैं। पूरे शहर के पेयजल की व्यवस्था की निगरानी सिर्फ एक एई पर है। ऐसे में कार्यकारिणी ने विभाग में एक अधिशासी अभियंता, चार सहायक अभियंता और 16 अवर अभियंता का पद सृजित कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया है।
कुछ ये भी हुए हैं प्रमुख फैसले
- शहर के सभी नर्सिंग होम, मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस आदि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कांप्लेक्सों के नए सिरे से टैक्स निर्धारण और वार्षिक मूल्यांकन करने के लिए सर्वे होगा। ये भी तय हुआ कि इन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था संबंधित भवन स्वामी ही कराएंगे।
- नगर निगम के निर्माण, स्वास्थ्य विभाग के सभी वाहनों के ड्राइवरों के नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और विभाग का नाम वाहन पर ही लिखा जाएगा, ताकि दुर्घटना होने पर ड्राइवर की पहचान हो सके।
- विकास प्राधिकरण और अन्य निजी संस्थाओं ने जो भी कालोनियां विकसित की हैं, कैंप लगाकर उन्हें टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।
- मच्छरों पर नियंत्रण के लिए हर वार्ड में एक साइकिल माउंटेड मशीन जिसमें 10 लीटर डीजल, 2 लीटर पेट्रोल, 200 मिली लीटर दवा हो, से सप्ताह के पांच दिन लगातार पार्षदों की देखरेख में फॉगिंग कराई जाएगी।
- बरसात से पहले शहर के सभी छोटे-बडे़ नाली, नालियों की तलहटी तक सफाई होगी।
- सभी वार्डों में स्ट्रीट पोलों पर एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे।
- स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय के लिए लाभार्थियों के खाते में रकम भेजवाने की व्यवस्था की जाएगी।
- सभी टैक्स कलेक्टरों को विभिन्न वार्ड आवंटित करते हुए कर निर्धारण, करारोपण, नामांतरण व कर वसूली के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा।
- सभी वार्र्डों और मोहल्लों के सफाईकर्मियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति ली जाएगी।
- हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड गोरखपुर में 77,450 रुपये वार्षिक दर पर 30 वर्षों के लिए नगर निगम के ताल से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
पुनरीक्षित बजट को भी मंजूरी
नगर निगम सदन में बोर्ड की भी बैठक हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी गई। इसमें 2.75 अरब आय तथा व्यय 3.25 अरब के का अनुमान जताया गया है। साथ ही कार्यकारिणी समिति से 2018-19 के स्वीकृत मूल बजट में प्राप्तियों का अनुमान 29000 लाख तथा व्यय अनुमान 31150 लाख को भी स्वीकृति दी गई।