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जल निगम के दो एक्सईएन से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 08 Dec 2017 09:37 PM IST
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विकास कार्यों की समीक्षा करते डीएम।
- फोटो : Amar Ujala
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फंड मिलने के बावजूद ढाई माह तक दो जल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से नाराज डीएम ने जल निगम के दो अधिशासी अभियंताओं से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि वे लोग कार्य में रुचि दिखाएं, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को विकास भवन में जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम राजीव रौतेला ने पाया कि जिले में कुल 89 पाइप जल योजना संचालित हैं, जिसमें से 41 जलनिगम तथा 48 ग्राम पंचायतें संचालित करती हैं। बताया गया कि सड़क चौड़ीकरण में पाइप लाइनें तीन माह पूर्व फ ट गई थीं, जिन्हें अब तक ठीक नहीं कराया जा सका। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तीन महीने तक इसे पूरा न करने का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा।
डीएम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नाखुशी जाहिर की। कुल 102 गांवों को कुपोषण से मुक्त कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई थी। अब तक केवल तीन गांव को ही कुपोषण मुक्त किया जा सका। सीडीओ अनुज सिंह ने कहा कि शासन की यह सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है, विभाग इसे गंभीरता से लें। कृषि अधिकारी ने बताया कि फ सल ऋण मोचन योजना में जिले के 76706 एनपीए किसानों के खाते में ऋण माफी का कार्य चल रहा है। इसमें से 41800 किसान योजना के तहत पात्र पाए गए हैं।
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बैठक में मनरेगा, इंडिया मार्क टू हैंडपंप की मरम्मत, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उर्वरक की उपलब्धता, गन्ना खरीद केंद्र, सिल्ट सफाई, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महिला हेल्प लाइन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, स्वास्थ विभाग में दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण, आशा का भुगतान, छात्रवृत्ति, पेंशन योजना आदि की समीक्षा की गई।
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शुक्रवार को विकास भवन में जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम राजीव रौतेला ने पाया कि जिले में कुल 89 पाइप जल योजना संचालित हैं, जिसमें से 41 जलनिगम तथा 48 ग्राम पंचायतें संचालित करती हैं। बताया गया कि सड़क चौड़ीकरण में पाइप लाइनें तीन माह पूर्व फ ट गई थीं, जिन्हें अब तक ठीक नहीं कराया जा सका। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तीन महीने तक इसे पूरा न करने का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा।
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डीएम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नाखुशी जाहिर की। कुल 102 गांवों को कुपोषण से मुक्त कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई थी। अब तक केवल तीन गांव को ही कुपोषण मुक्त किया जा सका। सीडीओ अनुज सिंह ने कहा कि शासन की यह सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है, विभाग इसे गंभीरता से लें। कृषि अधिकारी ने बताया कि फ सल ऋण मोचन योजना में जिले के 76706 एनपीए किसानों के खाते में ऋण माफी का कार्य चल रहा है। इसमें से 41800 किसान योजना के तहत पात्र पाए गए हैं।
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बैठक में मनरेगा, इंडिया मार्क टू हैंडपंप की मरम्मत, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उर्वरक की उपलब्धता, गन्ना खरीद केंद्र, सिल्ट सफाई, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महिला हेल्प लाइन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, स्वास्थ विभाग में दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण, आशा का भुगतान, छात्रवृत्ति, पेंशन योजना आदि की समीक्षा की गई।