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मशीन से होगी शहर की सड़कों की सफाई
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:10 PM IST
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गोरखपुर। आने वाले समय में शहर की सड़कों की सफाई मशीन से होती हुई नजर आएगी। नगर निगम ने शहर की सड़कों की सफाई के लिए मशीन खरीदने का फैसला लिया है। कमिश्नर की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित अवस्थापना विकास निधि की बैठक में इसकी खरीद समेत 33 करोड़ की लागत से होने वाले 56 कार्यों को स्वीकृति दी गई।
कमिश्नर अनिल कुमार ने बैठक के दौरान पिछली बैठक में स्वीकृत कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त को धीमी प्रगति के कारणों की जांच कर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी काम स्वीकृत हुए हैं उसे समय से पूरा किया जाए। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीवरेज सिस्टम आदि के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी करीब 33 करोड़ रुपये के 56 कामों को स्वीकृति दी। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक रोड स्वीपर मशीन की खरीद की स्वीकृति से शहर में सफाई व्यवस्था काफी बेहतर हो जाएगी। इससे न सिर्फ मैन पॉवर की बचत होगी, बल्कि सड़क के अलावा फुटपाथ आदि की भी सफाई आसानी से संभव हो सकेगी। बैठक में मेयर सत्या पांडेय, जिलाधिकारी राजीव रौतेला, नगर निगम, जीडीए और लोनिवि के अधिकारी उपस्थित थे।
मशीन में ही इकट्ठा होगा कूड़ा
सड़क की सफाई करने वाली मशीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। यह मशीन सड़क की सारी धूल और गंदगी खींचकर अपने अंदर ही इकट्ठा कर लेती है। फिर इकट्ठा हुई धूल, गंदगी निर्धारित स्थल पर डंप कर दिया जाएगा। इसमें समय भी कम लगेगा और सड़क की बेहतर ढंग से साफ हो जाएगी।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए सात करोड़ का प्रावधान
नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के तहत विभिन्न सामानों की खरीद के लिए करीब 7 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। इसमें पोकलेन मशीनों के अलावा गाड़ियों की खरीद की जाएगी।
12 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, कुछ की मरम्मत भी होगी
शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 12 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इसके साथ आठ छोटे-छोटे ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्यूबवेल का मोटर जलने पर इसकी जल्द मरम्मत के लिए 15 नए मोटर खरीदने का फैसला लिया गया है।
25 नालों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा
शहर के वार्डों में नाले बनाए तो गए हैं, लेकिन उन्हें एक-दूसरे से जोड़ा नहीं गया है। ऐसे 25 नालों को एक-दूसरे से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही कुछ नालों के ढाल सही करने के लिए नए सिरे से सर्वे कराने का भी निर्णय लिया गया है।
कमिश्नर अनिल कुमार ने बैठक के दौरान पिछली बैठक में स्वीकृत कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त को धीमी प्रगति के कारणों की जांच कर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी काम स्वीकृत हुए हैं उसे समय से पूरा किया जाए। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीवरेज सिस्टम आदि के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी करीब 33 करोड़ रुपये के 56 कामों को स्वीकृति दी। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक रोड स्वीपर मशीन की खरीद की स्वीकृति से शहर में सफाई व्यवस्था काफी बेहतर हो जाएगी। इससे न सिर्फ मैन पॉवर की बचत होगी, बल्कि सड़क के अलावा फुटपाथ आदि की भी सफाई आसानी से संभव हो सकेगी। बैठक में मेयर सत्या पांडेय, जिलाधिकारी राजीव रौतेला, नगर निगम, जीडीए और लोनिवि के अधिकारी उपस्थित थे।
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मशीन में ही इकट्ठा होगा कूड़ा
सड़क की सफाई करने वाली मशीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। यह मशीन सड़क की सारी धूल और गंदगी खींचकर अपने अंदर ही इकट्ठा कर लेती है। फिर इकट्ठा हुई धूल, गंदगी निर्धारित स्थल पर डंप कर दिया जाएगा। इसमें समय भी कम लगेगा और सड़क की बेहतर ढंग से साफ हो जाएगी।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए सात करोड़ का प्रावधान
नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के तहत विभिन्न सामानों की खरीद के लिए करीब 7 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। इसमें पोकलेन मशीनों के अलावा गाड़ियों की खरीद की जाएगी।
12 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, कुछ की मरम्मत भी होगी
शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 12 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इसके साथ आठ छोटे-छोटे ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्यूबवेल का मोटर जलने पर इसकी जल्द मरम्मत के लिए 15 नए मोटर खरीदने का फैसला लिया गया है।
25 नालों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा
शहर के वार्डों में नाले बनाए तो गए हैं, लेकिन उन्हें एक-दूसरे से जोड़ा नहीं गया है। ऐसे 25 नालों को एक-दूसरे से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही कुछ नालों के ढाल सही करने के लिए नए सिरे से सर्वे कराने का भी निर्णय लिया गया है।