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छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने महामंत्री को कटघरे में खड़ा किया
Updated Fri, 09 Jun 2017 01:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ की ओर से गरीब तबके के छात्रों में पुस्तक बांटने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी ने महामंत्री ऋचा चौधरी और पुस्तकालय मंत्री दीपक यादव पर धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कोषाधिकारी से अनुमति लिए बिना ही छात्रसंघ के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। वहीं किताबें भी ऐसे लोगों को बांट दीं, जो उनके कोर्स की नहीं है।
उपाध्यक्ष ने कुलपति को ज्ञापन भी दिया है, जिसमें पुस्तक बांटने के लिए आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उपाध्यक्ष का कहना है कि छात्रसंघ के इस कार्यक्रम की जानकारी उन्हें नहीं थी, वह सूचना मिलने पर पहुंचे हैं। यही नहीं कई लाभार्थियों के यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी होने पर भी संशय है। पात्रों का चयन किस आधार पर हुआ, इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है।
कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। कुलपति ने स्वयं विद्यार्थियों को पुस्तकें प्रदान की हैं। कुछ की किताबें गलत लग गई थीं। कोषाधिकारी को भी आमंत्रण दिया गया था।
- ऋचा चौधरी, महामंत्री
बीएड के विद्यार्थियों को एमएड की किताबें दी जा रही हैं। वहीं पात्रों का चयन किस आधार पर हुआ, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। कुलपति से जांच की मांग की गई है।
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- अखिल देव त्रिपाठी, उपाध्यक्ष
छात्रसंघ के पुस्तक वितरण कार्यक्रम के बाबत किसी प्रकार की वित्तीय स्वीकृति नहीं है। कार्यक्रम कैसे हुआ मैं नहीं बता सकता। मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- प्रो. संजय बैजल, कोषाधिकारी, छात्रसंघ
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ की ओर से गरीब तबके के छात्रों में पुस्तक बांटने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी ने महामंत्री ऋचा चौधरी और पुस्तकालय मंत्री दीपक यादव पर धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कोषाधिकारी से अनुमति लिए बिना ही छात्रसंघ के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। वहीं किताबें भी ऐसे लोगों को बांट दीं, जो उनके कोर्स की नहीं है।
उपाध्यक्ष ने कुलपति को ज्ञापन भी दिया है, जिसमें पुस्तक बांटने के लिए आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उपाध्यक्ष का कहना है कि छात्रसंघ के इस कार्यक्रम की जानकारी उन्हें नहीं थी, वह सूचना मिलने पर पहुंचे हैं। यही नहीं कई लाभार्थियों के यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी होने पर भी संशय है। पात्रों का चयन किस आधार पर हुआ, इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है।
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कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। कुलपति ने स्वयं विद्यार्थियों को पुस्तकें प्रदान की हैं। कुछ की किताबें गलत लग गई थीं। कोषाधिकारी को भी आमंत्रण दिया गया था।
- ऋचा चौधरी, महामंत्री
बीएड के विद्यार्थियों को एमएड की किताबें दी जा रही हैं। वहीं पात्रों का चयन किस आधार पर हुआ, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। कुलपति से जांच की मांग की गई है।
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- अखिल देव त्रिपाठी, उपाध्यक्ष
छात्रसंघ के पुस्तक वितरण कार्यक्रम के बाबत किसी प्रकार की वित्तीय स्वीकृति नहीं है। कार्यक्रम कैसे हुआ मैं नहीं बता सकता। मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- प्रो. संजय बैजल, कोषाधिकारी, छात्रसंघ