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कल लगेगा साल का पहला चंद्रगहण
Updated Mon, 29 Jan 2018 10:44 PM IST
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कल लगेगा साल का पहला चंद्रगहण
पुष्य नक्षत्र में स्पर्श, श्लेषा नक्षत्र में होगा का समापन
नौ घंटे पहले ही सुबह 8.35 बजे लग जाएगा सूतक
राजीव यादव
देवरिया। बुधवार को इस साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को लगने वाला यह चंद्रग्रहण खग्रास यानी पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार इसका स्पर्श शाम 5.18 बजे शाम को, मध्य शाम 7 बजे एवं मोक्ष 8.42 बजे रात में होगा। ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में एवं समापन श्लेषा नक्षत्र में होगा। ग्रहण का सूूतक नौ घंटे पूर्व सुबह 9.35 बजे से लग जाएगा।
ज्योतिषचार्यों के अनुसार 176 वर्ष बाद माघ पूर्णिमा के अवसर पर चंद्रग्रहण लग रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह बेहद शुभ होगा। माघ माह में नदियों में स्नान को काफी महत्व दिया जाता है। माघ के अंतिम दिन चंद्रग्रहण लगने से यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शुभ वर्षा करते हैं। इस खग्रास चंद्रग्रहण को पूरे देश में देखा जा सकेगा। भारत के अलावा उत्तर-पूर्व यूरोप, एशिया के अधिकांश भाग, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वोत्तर अफ्रीका, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका में भी यह दिखेगा। देवरिया में चंद्रग्रहण शाम 5.33 से लगेगा। इसका पर्व काल तीन घंटा 11 मिनट रहेगा।
इनसेट
सूतक में वर्जित कार्य
- उत्थान ज्योतिष संस्था के पं. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि सूतक और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्घ माना गया है। खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाने का काम नहीं करना चाहिए। इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए। सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिलाओं के भोजन करने में कोई परहेज नहीं है।
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इनसेट
सूतक में किए जाने वाले कार्य
- ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि सूतक तथा ग्रहण के समय मंत्र जाप करने का विशेष महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। तीर्थ स्नान, हवन तथा ध्यानादि शुभ कार्य करना कल्याणकारी होते हैं।
इनसेट
चंद्रग्रहण का राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव
मेष:- गृह एवं वाहन के मामले में सुख समृद्घि, घबराहट, सीने की तकलीफ
वृष:- पराक्रम वृद्घि, धार्मिक कार्यों पर खर्च, क्रोध में वृद्घि
मिथुन:- वाणी में तीव्रता, पैर में चोट या दर्द, विद्या में वृद्घि, शत्रु विजय, पेट की समस्या
कर्क:- स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या, सम्मान एवं नौकरी में वृद्घि, शत्रु विजय
सिंह:- गृह एवं वाहन के मामले में सुख वृद्घि, मनोबल एवं स्वास्थ्य अचानक कमजोर होंगे, खर्च वृद्घि
कन्या:- दांपत्य सुख वृद्घि, पराक्रम वृद्घि, विद्या में अवरोध, आय के साधनों में वृद्घि
तुला:- धन व पराक्रम में वृद्घि, सीने की तकलीफ, शारीरिक कष्ट
वृश्चिक:- धन, मनोबल एवं स्वास्थ्य में वृद्घि, विद्या में अवरोध
धनु:- धनागम के नए स्रोत, पैर में चोट या दर्द, पेट व पेशाब से संबंधित समस्या
मकर:- यात्रा पर खर्च, दांपत्य में अवरोध, वरिष्ठ अधिकारियों एवं लोगों से मतभेद, आलस्य में वृद्घि
कुम्भ:- शत्रु विजय, व्यक्तित्व व सम्मान में वृद्घि, आंख में दिक्कत, राजनीतिक लाभ
मीन:- विद्या में अवरोध, भाग्य का साथ, पराक्रम एवं सम्मान में वृद्घि, आय में अवरोध, घबराहट
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पुष्य नक्षत्र में स्पर्श, श्लेषा नक्षत्र में होगा का समापन
नौ घंटे पहले ही सुबह 8.35 बजे लग जाएगा सूतक
राजीव यादव
देवरिया। बुधवार को इस साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को लगने वाला यह चंद्रग्रहण खग्रास यानी पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार इसका स्पर्श शाम 5.18 बजे शाम को, मध्य शाम 7 बजे एवं मोक्ष 8.42 बजे रात में होगा। ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में एवं समापन श्लेषा नक्षत्र में होगा। ग्रहण का सूूतक नौ घंटे पूर्व सुबह 9.35 बजे से लग जाएगा।
ज्योतिषचार्यों के अनुसार 176 वर्ष बाद माघ पूर्णिमा के अवसर पर चंद्रग्रहण लग रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह बेहद शुभ होगा। माघ माह में नदियों में स्नान को काफी महत्व दिया जाता है। माघ के अंतिम दिन चंद्रग्रहण लगने से यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शुभ वर्षा करते हैं। इस खग्रास चंद्रग्रहण को पूरे देश में देखा जा सकेगा। भारत के अलावा उत्तर-पूर्व यूरोप, एशिया के अधिकांश भाग, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वोत्तर अफ्रीका, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका में भी यह दिखेगा। देवरिया में चंद्रग्रहण शाम 5.33 से लगेगा। इसका पर्व काल तीन घंटा 11 मिनट रहेगा।
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सूतक में वर्जित कार्य
- उत्थान ज्योतिष संस्था के पं. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि सूतक और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्घ माना गया है। खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाने का काम नहीं करना चाहिए। इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए। सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिलाओं के भोजन करने में कोई परहेज नहीं है।
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सूतक में किए जाने वाले कार्य
- ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि सूतक तथा ग्रहण के समय मंत्र जाप करने का विशेष महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। तीर्थ स्नान, हवन तथा ध्यानादि शुभ कार्य करना कल्याणकारी होते हैं।
इनसेट
चंद्रग्रहण का राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव
मेष:- गृह एवं वाहन के मामले में सुख समृद्घि, घबराहट, सीने की तकलीफ
वृष:- पराक्रम वृद्घि, धार्मिक कार्यों पर खर्च, क्रोध में वृद्घि
मिथुन:- वाणी में तीव्रता, पैर में चोट या दर्द, विद्या में वृद्घि, शत्रु विजय, पेट की समस्या
कर्क:- स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या, सम्मान एवं नौकरी में वृद्घि, शत्रु विजय
सिंह:- गृह एवं वाहन के मामले में सुख वृद्घि, मनोबल एवं स्वास्थ्य अचानक कमजोर होंगे, खर्च वृद्घि
कन्या:- दांपत्य सुख वृद्घि, पराक्रम वृद्घि, विद्या में अवरोध, आय के साधनों में वृद्घि
तुला:- धन व पराक्रम में वृद्घि, सीने की तकलीफ, शारीरिक कष्ट
वृश्चिक:- धन, मनोबल एवं स्वास्थ्य में वृद्घि, विद्या में अवरोध
धनु:- धनागम के नए स्रोत, पैर में चोट या दर्द, पेट व पेशाब से संबंधित समस्या
मकर:- यात्रा पर खर्च, दांपत्य में अवरोध, वरिष्ठ अधिकारियों एवं लोगों से मतभेद, आलस्य में वृद्घि
कुम्भ:- शत्रु विजय, व्यक्तित्व व सम्मान में वृद्घि, आंख में दिक्कत, राजनीतिक लाभ
मीन:- विद्या में अवरोध, भाग्य का साथ, पराक्रम एवं सम्मान में वृद्घि, आय में अवरोध, घबराहट