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रेडियो आइसोटोप से सुरक्षित रहेगा आलू, प्लाज
Updated Sat, 14 Oct 2017 10:02 PM IST
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गोरखपुर।
सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज में केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की नाभिकीय विज्ञान और रेडियो आइसोटोप विषयक तीन दिवसीय (11-14 अक्तूबर) कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। अंतिम दिन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नंदलाल मिश्र ने कहा कि परमाणु ऊर्जा और रेडियो आइसोटोप से आलू, प्याज की बर्बादी रोकी जा सकती है। बार्क इसकी कवायद में लगा है। पूर्वांचल में आलू, प्याज के संरक्षण गृह बनाने की बात भी चल रही है। ऐसा हुआ तो सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। आलू, प्याज जल्दी नहीं सड़ेगा। इसे भंडारण गृह में लंबे समय तक रखा जा सकता है। परमाणु ऊर्जा विभाग, नाभिकीय विज्ञान शोध परिषद और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. बीएन त्रिपाठी ने कहा कि रेडियो आइसोटोप का चिकित्सा विज्ञान, औद्योगिक व रसायन विज्ञान के अनुसंधान में बड़ा उपयोग है। इस मौके पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एम. अंसारी, वैज्ञानिक डॉ. संजय सालुंके, आशुतोष श्रीवास्तव, बीएस ठाकरे, प्राचार्य डॉ. जेके लाल, डॉ. एके श्रीवास्तव और विभागाध्यक्ष डॉ. एसडी शर्मा मौजूद रहे।
सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज में केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की नाभिकीय विज्ञान और रेडियो आइसोटोप विषयक तीन दिवसीय (11-14 अक्तूबर) कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। अंतिम दिन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नंदलाल मिश्र ने कहा कि परमाणु ऊर्जा और रेडियो आइसोटोप से आलू, प्याज की बर्बादी रोकी जा सकती है। बार्क इसकी कवायद में लगा है। पूर्वांचल में आलू, प्याज के संरक्षण गृह बनाने की बात भी चल रही है। ऐसा हुआ तो सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। आलू, प्याज जल्दी नहीं सड़ेगा। इसे भंडारण गृह में लंबे समय तक रखा जा सकता है। परमाणु ऊर्जा विभाग, नाभिकीय विज्ञान शोध परिषद और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. बीएन त्रिपाठी ने कहा कि रेडियो आइसोटोप का चिकित्सा विज्ञान, औद्योगिक व रसायन विज्ञान के अनुसंधान में बड़ा उपयोग है। इस मौके पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एम. अंसारी, वैज्ञानिक डॉ. संजय सालुंके, आशुतोष श्रीवास्तव, बीएस ठाकरे, प्राचार्य डॉ. जेके लाल, डॉ. एके श्रीवास्तव और विभागाध्यक्ष डॉ. एसडी शर्मा मौजूद रहे।