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स्टेम सेल थेरेपी से अंगों का पूर्ण निर्माण संभव
Updated Fri, 06 Oct 2017 09:39 PM IST
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गोरखपुर।
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को बायोलॉजी डिपार्टमेंट की तरफ से स्टेम सेल इन रिजनरेटिव मेडिसिन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लूपिन लिमिटेड बायोटेक्नोलॉजी पुणे महाराष्ट्र के विज्ञानी कुलवंत सिंह ने कहा कि स्टेम सेल थेरेपी से अंगों का पूर्ण निर्माण संभव है। क्षतिग्रस्त अंगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस तकनीक पर दक्षिण भारत में अच्छा काम हो रहा है। असाध्य रोगों का इलाज भी किया जा रहा। प्रिंसिपल डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मेडिकल फील्ड में रिसर्च का बड़ी गुंजाइश है। इस पर विज्ञानियों को काम करना चाहिए। उन्होंने कुलवंत सिंह को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। साथ ही कहा कि कुलवंत ने कॉलेज से पढ़ाई की, फिर कनाडा में रहकर शोध किया। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर डॉ. शशिप्रभा सिंह, डॉ. विनीता सिंह, मीनू भाटिया, डॉ. धर्मचंद्र विश्वकर्मा और पवन पांडेय मौजूद रहे।
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को बायोलॉजी डिपार्टमेंट की तरफ से स्टेम सेल इन रिजनरेटिव मेडिसिन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लूपिन लिमिटेड बायोटेक्नोलॉजी पुणे महाराष्ट्र के विज्ञानी कुलवंत सिंह ने कहा कि स्टेम सेल थेरेपी से अंगों का पूर्ण निर्माण संभव है। क्षतिग्रस्त अंगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस तकनीक पर दक्षिण भारत में अच्छा काम हो रहा है। असाध्य रोगों का इलाज भी किया जा रहा। प्रिंसिपल डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मेडिकल फील्ड में रिसर्च का बड़ी गुंजाइश है। इस पर विज्ञानियों को काम करना चाहिए। उन्होंने कुलवंत सिंह को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। साथ ही कहा कि कुलवंत ने कॉलेज से पढ़ाई की, फिर कनाडा में रहकर शोध किया। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर डॉ. शशिप्रभा सिंह, डॉ. विनीता सिंह, मीनू भाटिया, डॉ. धर्मचंद्र विश्वकर्मा और पवन पांडेय मौजूद रहे।