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गीडा में सफाई पर कड़ाई, ऑनलाइन होगी निगरानी
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:50 PM IST
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गोरखपुर।
आने वाले समय में गीडा में बेहतर सफाई नजर आएगी। यहां-वहां जो गंदगी फैली रहती है और नाले चोक रहते हैं, उसमें भी सुधार होगा। गीडा की सीईओ ने सफाई कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत गीडा के जेई अपने-अपने वार्ड में सफाई कर्मचारियों को सुबह इकट्ठा करेंगे और फिर उनकी ग्रुप फोटो कर सीईओ या फिर गीडा के अधिकारियों और कर्मचारियों के वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट करेंगे।
गीडा के विभिन्न सेक्टरों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। सफाई कर्मचारी कभी-कभी ही सफाई करते नजर आते हैं। नालियां तो हमेशा चोक ही रहती हैं क्योंकि यदा-कदा ही उनकी सफाई होती है। गीडा के उद्यमी लगातार इस संबंध में शिकायत करते रहते हैं, लेकिन गीडा प्रशासन कुछ खास नहीं कर पा रहा था। सीईओ का जिम्मा संभालने के बाद हर्षिता माथुर ने सफाई व्यवस्था में बदलाव कर दिया। अब गीडा के जितने भी सफाई कर्मचारी हैं, उनकी हाजिरी वाट्सएप पर भेजे गए फोटो के माध्यम से होगी। अगर वो ग्रुप फोटो में शामिल नहीं रहेंगे तो उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से गीडा की सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा।
गीडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षिता माथुर का कहना है कि जब 250-300 स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी संभव हो सकती है तो गीडा के 50 से भी कम सफाई कर्मचारियों की क्यों नहीं। इसी वजह से ग्रुप फोटो वाट्सएप पर भेजने का निर्णय लिया गया है। सुबह 9:15 बजे तक सफाई कर्मचारियों की ग्रुप फोटो भेजने का जिम्मा विभिन्न सेक्टर के जेई को दिया गया है। इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। जिन इलाकों में सफाई की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है, वहां रोस्टर के माध्यम से काम कराया जाएगा। नालों की सफाई के लिए पोकलेन मशीन भी खरीदी जा रही है।
आने वाले समय में गीडा में बेहतर सफाई नजर आएगी। यहां-वहां जो गंदगी फैली रहती है और नाले चोक रहते हैं, उसमें भी सुधार होगा। गीडा की सीईओ ने सफाई कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत गीडा के जेई अपने-अपने वार्ड में सफाई कर्मचारियों को सुबह इकट्ठा करेंगे और फिर उनकी ग्रुप फोटो कर सीईओ या फिर गीडा के अधिकारियों और कर्मचारियों के वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट करेंगे।
गीडा के विभिन्न सेक्टरों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। सफाई कर्मचारी कभी-कभी ही सफाई करते नजर आते हैं। नालियां तो हमेशा चोक ही रहती हैं क्योंकि यदा-कदा ही उनकी सफाई होती है। गीडा के उद्यमी लगातार इस संबंध में शिकायत करते रहते हैं, लेकिन गीडा प्रशासन कुछ खास नहीं कर पा रहा था। सीईओ का जिम्मा संभालने के बाद हर्षिता माथुर ने सफाई व्यवस्था में बदलाव कर दिया। अब गीडा के जितने भी सफाई कर्मचारी हैं, उनकी हाजिरी वाट्सएप पर भेजे गए फोटो के माध्यम से होगी। अगर वो ग्रुप फोटो में शामिल नहीं रहेंगे तो उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से गीडा की सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा।
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गीडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षिता माथुर का कहना है कि जब 250-300 स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी संभव हो सकती है तो गीडा के 50 से भी कम सफाई कर्मचारियों की क्यों नहीं। इसी वजह से ग्रुप फोटो वाट्सएप पर भेजने का निर्णय लिया गया है। सुबह 9:15 बजे तक सफाई कर्मचारियों की ग्रुप फोटो भेजने का जिम्मा विभिन्न सेक्टर के जेई को दिया गया है। इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। जिन इलाकों में सफाई की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है, वहां रोस्टर के माध्यम से काम कराया जाएगा। नालों की सफाई के लिए पोकलेन मशीन भी खरीदी जा रही है।
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