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तीन दिन में डायरिया के 35 मरीज भर्ती

Sat, 04 Jun 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 04 Jun 2016 01:34 AM IST
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35 patients of diaria are admitted in three days in the hospital
अस्पताल में भर्ती डायरिया से पीड़ित महिला - फोटो : amar ujala
गर्मी के बढ़ते ही जिले में डायरिया का प्रकोप भी बढ़ा है। बीते तीन दिनों में करीब 35 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि संक्रामक रोग अस्पताल में दस दिनों के आंकड़ों में 100 मरीज उपचार करा चुके हैं, वहीं कई मरीज अभी भी भर्ती हैं। जनवरी 2016 से 31 मई तक 1081 मरीजों का इलाज हो चुका है।
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मौसम में बदलाव का असर पाचन पर पड़ता है। इस मौसम में डॉक्टर खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर देते हैं। इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों की मानें तो रात में पेट दर्द की शिकायत लेकर आने पर मरीज को भर्ती कर लिया जा रहा है, ताकि उसकी सेहत में आसानी से सुधार हो जाए। संक्रामक रोग अस्पताल में भी जिन मरीजों की स्थिति कंट्रोल है उसे कुछ घंटे इंजेक्शन देने के बाद रोका जा रहा है, नहीं तो घर भेज दिया जा रहा है। 
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शहरी क्षेत्र के ज्यादा मरीज
संक्रामक रोग अस्पताल के प्रभारी बताते हैं कि अस्पताल में आने वाले सर्वाधिक मरीज शहरी इलाके के हैं। शुक्रवार को खूनीपुर की चंदा (30), गोपलापुर की उर्मिल्रा (45), हुमायूंपुर की हसीन जहां (35), रेती का मो. शानू (20), कूड़ाघाट के मंगू प्रसाद (65), अलहदादपुर (18) तथा रुस्तमपुर की हर्षिता (14) भर्ती हुईं। 
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यह कहते हैं डॉक्टर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन सोनू केशरवानी कहते हैं कि डायरिया वायरल और प्रोटोजोअल दो तरह का होता है। इसके पीछे गंदे पदार्थों का सेवन ही मुख्य कारण है। गंदा पानी भी इसकी एक वजह है। शुरू में लोग दस्त को पेट की गर्मी निकलने की बात कहकर टालते हैं। 5-6 बार दस्त और इसी बीच उल्टी होने पर शरीर में अचानक पानी की कमी हो जाती है। इससे मरीज की स्थिति काफी खराब हो जाती है। इसलिए जैसे ही लक्षण दिखें, तत्काल नमक, चीनी और पानी का घोल लें और डाक्टर से संपर्क करें।


लक्षण
दस्त के साथ ही उल्टी होने लगती है। इससे पेट में ऐंठन शुरू होता है और शरीर में पानी की कमी से शरीर सुस्त हो जाता है। बाद में पूरा शरीर दर्द करता है और मुंह सूखने लगता है। खाने-पीने की इच्छा खत्म हो जाती है। मरीज को तेज बुखार भी हो जाता है।

ऐसा होने पर पहले यह करें 
  • तत्काल नमक, चीनी और पानी का घोल दें।
  • यदि डाक्टर दूर हैं तो नारफ्लॉक्सासिन व टिनिडाजोल टेबलेट दें।

सावधानी
  1. बाजार के खुले खाद्य पदार्थ का कदापि सेवन न करें।
  2. तेल-मसाले की अधिकता वाली चीजों से बचें।
  3. फास्ट फूड से दूर रहें तो ही अच्छा।
  4. यदि वाटर प्यूरीफायर न हो तो पानी उबाल कर ठंडा करें, फिर पीएं।
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