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लखनऊ मेट्रो अखिलेश यादव की देन

Tue, 05 Sep 2017 09:03 PM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 09:03 PM IST
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लखनऊ मेट्रो अखिलेश यादव की देन

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गोरखपुर। भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मेट्रो को हरी झंडी दिखाई हो, लेकिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिला सम्मेलन में इसका श्रेय अखिलेश यादव को दिया गया। पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद पूर्व मंत्री कमाल अख्तर ने कहा कि लखनऊ मेट्रो को तो पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही झंडी दिखा चुके हैं। योगी सरकार दिखावा कर रही है। सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य कमेटी के सदस्य भी चुने गए।
मंगलवार को तारामंडल रोड स्थित एक लॉन में आयोजित जिला सम्मेलन में कमाल अख्तार ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने विकास के नए मापदंड स्थापित किए थे। कन्या विद्याधन, बेरोजगारों को नौकरी, समाजवादी पेंशन, एक्सप्रेस वे, लैपटॉप और लखनऊ मेट्रो जैसी योजनाओं से उन्होेंने प्रदेश और समाज के हर तबके के विकास का काम किया, लेकिन वर्तमान सरकार जाति-धर्म की बात करती है। उन्होंने कहा कि सत्ता का आना-जाना तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। भाजपा ने झूठ बोलकर सत्ता हासिल की है। अब लोगों को यह समझ में आने लगा है। इसलिए सरकार उप चुनाव से भाग रही है। सपा के सभी कार्यकर्ता मुलायम सिंह और अखिलेश यादव को अपना नेता मानते हुए संघर्षरत हैं। इतिहास गवाह है कि संघर्ष से ही जीत हासिल होती है। उन्होंने बताया कि जिला सम्मेलन में 15 प्रतिशत सदस्य राज्य कमेटी और कुल सक्रिय सदस्यों के 10 प्रतिशत सदस्य राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव और संचालन जिला महासचिव जवाहर लाल मौर्या ने किया। इस दौरान गीतांजलि यादव, केसी पांडेय, जगदीश यादव, राजमति निषाद, रामभुआल निषाद, चंद्रबली यादव, रजनीश यादव, अमरेंद्र निषाद, राघवेंद्र तिवारी, नगीना प्रसाद साहनी आदि मौजूद थे।
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सीएम और स्वास्थ्य मंत्री का मांगा इस्तीफा
गोरखपुर। सपा नेताओं ने सम्मेलन में मेडिकल कॉलेज में पांच महीने के दौरान इंसेफेलाइटिस और ऑक्सीजन की कमी से हुई 1027 बच्चों की मौत पर शोक जताया। कहा गया कि बच्चों की मौत के लिए केवल डॉक्टर और कर्मचारी ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी जिम्मेदार हैं। नैतिकता के आधार पर दोनों को इस्तीफा दे देना चाहिए। सरकार ने बच्चों की मौत के बाद केवल कागजी खानापूरी की, लेकिन समाजवादी पार्टी ने पीड़ितों को दो-दो लाख रुपये की मदद दी। अन्य की सूची तैयार की जा रही है, जल्द ही उन्हें भी मदद दी जाएगी। बाढ़ पीड़ितों के साथ भी सरकार का रवैया बहुत खराब रहा, केवल भूजा और चना बांटकर काम चलाया गया।
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