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छेड़खानी से परेशान किशोरी ने जान दी
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:32 PM IST
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कुशीनगर। पड़ोसी के घर आने-जाने वाले रिश्तेदार युवक ने करीब एक साल से 16 वर्षीया किशोरी को इस कदर तंग कर रखा था कि बृहस्पतिवार की सुबह उसने अपने ही घर में दुपट्टा का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर बाद भी जब किशोरी कमरे से बाहर नहीं निकली तो घरवाले दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे और छत से लटकता शव देखकर चीख पड़े। किशोरी की मां इस मौत के लिए रिश्तेदारी के युवक को सीधे-सीधे कसूरवार ठहरा रही है। हालांकि रामकोला पुलिस मामले में अब भी कार्रवाई की बजाय टालमटोल करने में जुटी है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के गांव हरपुर माफी के टोला शोभा छपरा निवासी परभंस गौंड़ की तीन लड़कियों में सबसे छोटी 16 वर्षीया निर्जल पढ़ाई-लिखाई में ठीक थी। हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास होने के बाद पिता ने 11 वीं में उसका एडमिशन करा दिया। सुनहरे भविष्य का सपना बुन रही निर्जल पर पड़ोसी के घर आने-जाने वाले रिश्तेदार युवक की नजर पड़ गई और वह उससे छेड़खानी करने लगा। किसी तरह इस युवक ने निर्जल का मोबाइल नंबर पा लिया और उस पर फोन करके परेशान करने लगा। बेटी ने घरवालों को यह बात बताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला। निर्जल की मां रमावती के अनुसार आरोपी युवक ने बेटी को इस कदर परेशान किया कि उसने 11वीं की परीक्षा भी छोड़ दी। घर की माली हालत सुधारने में मदद के लिए लड़की ने गांव के नजदीक ही एक चौराहे पर एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां काम करना शुरू कर दिया। वह दवा का काम सीखकर अपनी दुकान खोलना चाहती थी, लेकिन युवक वहां भी पहुंचकर उसे परेशान करने लगा। हार थककर किशोरी ने बीते सोमवार की शाम को युवक को फोन करके गांव के बाहर मिलने के लिए बुलाया और यहां पिता व भाई की मदद से उसे पकड़कर रामकोला पुलिस के हवाले कर दिया। परंतु रामकोला पुलिस ने युवक को शांति भंग की आशंका की धारा में चालान किया और अगले ही दिन युवक छूटकर फिर लड़की के गांव पहुंच गया। मां रमावती के अनुसार बुधवार की शाम को आरोपी लड़के को गांव में देखते ही उनकी बेटी घर में रोने लगी। बड़ी देर तक समझाने-बुझाने के बाद वह शांत हुई। बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे डॉक्टर के क्लीनिक पर जाने के लिए तैयार होने की बात कहकर कमरे में गई, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकली। लड़की की मां व अन्य घरवालों ने किसी तरह से फाटक खोला तो छत की कुंडी के सहारे निर्जल का शव लटक रहा था। इसकी सूचना पर पहुंची रामकोला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में एसओ रामकोला अजय कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार की रात लड़की के घरवालों ने युवक की पिटाई के बाद पुलिस को सौंपा था, लेकिन कोई तहरीर नहीं मिली थी। इसकी वजह से केवल शांति भंग की आशंका में युवक का चालान किया गया था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। घरवालों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
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रामकोला थाना क्षेत्र के गांव हरपुर माफी के टोला शोभा छपरा निवासी परभंस गौंड़ की तीन लड़कियों में सबसे छोटी 16 वर्षीया निर्जल पढ़ाई-लिखाई में ठीक थी। हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास होने के बाद पिता ने 11 वीं में उसका एडमिशन करा दिया। सुनहरे भविष्य का सपना बुन रही निर्जल पर पड़ोसी के घर आने-जाने वाले रिश्तेदार युवक की नजर पड़ गई और वह उससे छेड़खानी करने लगा। किसी तरह इस युवक ने निर्जल का मोबाइल नंबर पा लिया और उस पर फोन करके परेशान करने लगा। बेटी ने घरवालों को यह बात बताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला। निर्जल की मां रमावती के अनुसार आरोपी युवक ने बेटी को इस कदर परेशान किया कि उसने 11वीं की परीक्षा भी छोड़ दी। घर की माली हालत सुधारने में मदद के लिए लड़की ने गांव के नजदीक ही एक चौराहे पर एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां काम करना शुरू कर दिया। वह दवा का काम सीखकर अपनी दुकान खोलना चाहती थी, लेकिन युवक वहां भी पहुंचकर उसे परेशान करने लगा। हार थककर किशोरी ने बीते सोमवार की शाम को युवक को फोन करके गांव के बाहर मिलने के लिए बुलाया और यहां पिता व भाई की मदद से उसे पकड़कर रामकोला पुलिस के हवाले कर दिया। परंतु रामकोला पुलिस ने युवक को शांति भंग की आशंका की धारा में चालान किया और अगले ही दिन युवक छूटकर फिर लड़की के गांव पहुंच गया। मां रमावती के अनुसार बुधवार की शाम को आरोपी लड़के को गांव में देखते ही उनकी बेटी घर में रोने लगी। बड़ी देर तक समझाने-बुझाने के बाद वह शांत हुई। बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे डॉक्टर के क्लीनिक पर जाने के लिए तैयार होने की बात कहकर कमरे में गई, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकली। लड़की की मां व अन्य घरवालों ने किसी तरह से फाटक खोला तो छत की कुंडी के सहारे निर्जल का शव लटक रहा था। इसकी सूचना पर पहुंची रामकोला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इस संबंध में एसओ रामकोला अजय कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार की रात लड़की के घरवालों ने युवक की पिटाई के बाद पुलिस को सौंपा था, लेकिन कोई तहरीर नहीं मिली थी। इसकी वजह से केवल शांति भंग की आशंका में युवक का चालान किया गया था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। घरवालों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
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