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भर्ती प्रक्रिया से बाहर हुए तीन हजार पुरुष नर्स
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 22 Jan 2017 01:42 AM IST
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नर्स
- फोटो : file photo
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्टाफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया से नए नियमों के कारण तीन हजार पुरुष बाहर कर दिए गए हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इन नियमों का विरोध करते हुए साफ कर दिया है कि नियमों में गलत शर्तें रखी गई हैं, उन्हें हटाया जाए। अन्यथा वह अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि स्टाफ नर्स के लिए 3838 पदों पर भर्ती की जानी है लेकिन यह अब विवादों के घेरे में आ गई है। भर्ती में पुरुष नर्सों के 448 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन इस पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। नए नियमों के कारण करीब तीन हजार पुरुषों को नर्स आवेदन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। शनिवार को इस मामले को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पुरुष नर्सों ने बैठक की।
अध्यक्षता करते हुए संयुक्त नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष सूरज गुप्ता ने बताया कि यह कोर्स वर्ष 2014 से ही राज्य में बंद हो गया था। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी ने जारी किया है। बावजूद शासन ने जो आवेदन मांगे हैं उनमें कुछ शर्तेें रखी गई है, जिससे तीन हजार पुरुष नर्स आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनकी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया से शर्त हटाया जाए, नहीं तो पुरुष नर्स विरोध में अदालत जाने को मजबूर होंगे।
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गौरतलब है कि स्टाफ नर्स के लिए 3838 पदों पर भर्ती की जानी है लेकिन यह अब विवादों के घेरे में आ गई है। भर्ती में पुरुष नर्सों के 448 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन इस पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। नए नियमों के कारण करीब तीन हजार पुरुषों को नर्स आवेदन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। शनिवार को इस मामले को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पुरुष नर्सों ने बैठक की।
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अध्यक्षता करते हुए संयुक्त नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष सूरज गुप्ता ने बताया कि यह कोर्स वर्ष 2014 से ही राज्य में बंद हो गया था। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी ने जारी किया है। बावजूद शासन ने जो आवेदन मांगे हैं उनमें कुछ शर्तेें रखी गई है, जिससे तीन हजार पुरुष नर्स आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनकी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया से शर्त हटाया जाए, नहीं तो पुरुष नर्स विरोध में अदालत जाने को मजबूर होंगे।
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