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राजकीय, अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों की सीटों पर चली कैंची
Fri, 12 Apr 2019 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 12:42 AM IST
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विवेक सिंह
गोरखपुर। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से निर्धारितभूमि, भवन, लैब, लाइब्रेरी और शिक्षक सहित अन्य मानक पूरे न करने वाले यूपी के राजकीय, अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों की 25 से 50 फीसदी सीटें कम कर दी गई हैं। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर में संचालित महराजगंज राजकीय पॉलिटेक्निक में दाखिले रोक दिए गए हैं। इस पॉलिटेक्निक कॉलेज का भवन नहीं बन सका था।
गोरखपुर की चार और राजकीय, अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों की सीटें 25-25 फीसदी कम हुई हैं। इसमें राजकीय पॉलिटेक्निक, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, एमएमआईटी हरिहरपुर खजनी और एमपी पॉलिटेक्निक गोरखनाथ के नाम शामिल हैं। दरअसल, एआईसीटीई ने अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के बीच के शैक्षिक, शोेध की गुणवत्ता और मानकों का ब्योरा तलब किया था। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती की जानकारी भी मांगी थी। कई ऐसे पॉलिटेक्निक कॉलेज मिले, जहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। लैब, लाइब्रेरी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसे गंभीरता से लेकर ही एआईसीटीई ने सीटें कम करने का आदेश जारी कर दिया है। इसका सर्कुलर पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्यों को मिल चुका है।
एआईसीटीई की तरफ से कहा गया है कि शैक्षिक सत्र 2019-20 से पढ़ाई की गुणवत्ता पर और ध्यान दिया जाएगा। जितनी सीटें निर्धारित हैं, उतनी ही भरी जा सकेंगी। कम की गई सीटों पर दाखिले की अनुमति नहीं रहेगी। शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले मानक और गुणवत्ता पूरी कर ली गई तो पहले से निर्धारित सीटों पर दाखिले की अनुमति दी जा सकती है।
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गोरखपुर। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से निर्धारितभूमि, भवन, लैब, लाइब्रेरी और शिक्षक सहित अन्य मानक पूरे न करने वाले यूपी के राजकीय, अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों की 25 से 50 फीसदी सीटें कम कर दी गई हैं। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर में संचालित महराजगंज राजकीय पॉलिटेक्निक में दाखिले रोक दिए गए हैं। इस पॉलिटेक्निक कॉलेज का भवन नहीं बन सका था।
गोरखपुर की चार और राजकीय, अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों की सीटें 25-25 फीसदी कम हुई हैं। इसमें राजकीय पॉलिटेक्निक, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, एमएमआईटी हरिहरपुर खजनी और एमपी पॉलिटेक्निक गोरखनाथ के नाम शामिल हैं। दरअसल, एआईसीटीई ने अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के बीच के शैक्षिक, शोेध की गुणवत्ता और मानकों का ब्योरा तलब किया था। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती की जानकारी भी मांगी थी। कई ऐसे पॉलिटेक्निक कॉलेज मिले, जहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। लैब, लाइब्रेरी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसे गंभीरता से लेकर ही एआईसीटीई ने सीटें कम करने का आदेश जारी कर दिया है। इसका सर्कुलर पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्यों को मिल चुका है।
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एआईसीटीई की तरफ से कहा गया है कि शैक्षिक सत्र 2019-20 से पढ़ाई की गुणवत्ता पर और ध्यान दिया जाएगा। जितनी सीटें निर्धारित हैं, उतनी ही भरी जा सकेंगी। कम की गई सीटों पर दाखिले की अनुमति नहीं रहेगी। शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले मानक और गुणवत्ता पूरी कर ली गई तो पहले से निर्धारित सीटों पर दाखिले की अनुमति दी जा सकती है।
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