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इस्लामिया विद्यालयइस्लामिया विद्यालय: प्रधानाध्यापकों और बीईओ की भूमिका संदिग्ध
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Mon, 30 Jul 2018 01:32 AM IST
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फाइल फोटो
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गोरखपुर। गोरखपुर- बस्ती मंडल के परिषदीय विद्यालयों के इस्लामिया नामकरण मामले की प्रारंभिक जांच में स्कूलों के प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदिग्ध मिली है।
अधिकारियों का मानना है कि इनके गैर जिम्मेदार रवैये के चलते ही विद्यालयों का संचालन नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था। एडी बेसिक जेएन सिंह ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
गोरखपुर के कैंपियरगंज विकासखंड में दो और बड़हलगंज में एक इस्लामिया विद्यालय संचालित होने की जानकारी पिछले दिनों अधिकारियों को मिली थी। इनमें परिषदीय अध्यापक पढ़ा रहे थे। कैंपियरगंज के इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय पचमा का नाम रिकार्ड में भी इस्लामिया दर्ज है।
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वहीं प्राथमिक विद्यालय रिगौली खंड तीन का नाम कागजों में तो सही है, मगर इसके भवन पर इस्लामिया लिखा हुआ मिला था। ऐसा ही मामला बड़हलगंज के प्राथमिक विद्यालय बेइली का भी था।
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अधिकारियों का मानना है कि इनके गैर जिम्मेदार रवैये के चलते ही विद्यालयों का संचालन नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था। एडी बेसिक जेएन सिंह ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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गोरखपुर के कैंपियरगंज विकासखंड में दो और बड़हलगंज में एक इस्लामिया विद्यालय संचालित होने की जानकारी पिछले दिनों अधिकारियों को मिली थी। इनमें परिषदीय अध्यापक पढ़ा रहे थे। कैंपियरगंज के इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय पचमा का नाम रिकार्ड में भी इस्लामिया दर्ज है।
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वहीं प्राथमिक विद्यालय रिगौली खंड तीन का नाम कागजों में तो सही है, मगर इसके भवन पर इस्लामिया लिखा हुआ मिला था। ऐसा ही मामला बड़हलगंज के प्राथमिक विद्यालय बेइली का भी था।