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धोखाधड़ी में पोस्टमैन को सात साल की सजा
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:15 PM IST
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संतकबीरनगर। सीजेएम कोर्ट ने गबन और धोखाधड़ी के मामले में सेमरियावां उपडाक घर में कार्यरत एक जीडीएस पोस्टमैन को सात साल की सजा और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया। सेमरियावां उप डाक घर के नायब पोस्टमास्टर चंद्रबली यादव ने आरोप लगाया कि डाकघर में लॉकर की व्यवस्था न होने से कागजात दीवार में बिना फाटक की आलमारी में रखे जाते थे। जो भी लोग आते थे, वे विड्राल फार्म भरते थे। उनकी पहचान कोई कर्मचारी करता था। आरोप है कि उनके डाक घर में तैनात पोस्टमैन जीडीएस प्रदीप कुमार की ग्राहक बराबर शिकायत करते थे। ग्राहकों से पूछताछ करने पर उनके कृत्य पर उन्हें शंका हुई। लेजर मिलान करने के बाद प्रदीप कुमार से पूछताछ की गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार की और क्षमा मांगी। उसने विड्राल फार्म सब छीन कर फाड़ दिया। जांच में दस लाख रुपये की हेराफेरी और सरकारी अभिलेख में गलत अंकन पाया गया। नायब पोस्टमास्टर ने पहले सूचना थाने पर दी, वहां कार्रवाई न होने पर एसपी को दी। वहां से भी कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। लोक अभियोजक कंदर्पेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की सुनवाई सीजेएम दीपकांत मणि ने की। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रदीप कुमार जीडीएस पोस्टमैन को सात साल की सजा और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि न जमा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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